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उत्तराखंड में खोले जाएंगे 350 वेलनेस सेंटर, हर्बल स्टेट बनाने की तैयारी कर रही केंद्र सरकार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:00 AM IST
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केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे
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उत्तराखंड में इस साल 350 वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इन्वेस्टर्स समिट में आए केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने सोमवार को यह एलान किया। उन्होंने कहा कि 40 वेलनेस सेंटर पहले ही उत्तराखंड में स्वीकृत किए जा चुके हैं। पूरे देश में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर खोलने का लक्ष्य है, लेकिन सबसे पहले इनमें से 15 हजार सेंटरों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को हर्बल स्टेट बनाने के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगा।
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हेल्थ एंड वेलनेस सत्र के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री ने केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर के डेढ़ लाख ऐसे अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों को वेलनेस सेंटर में बदलने जा रही है, जिन्हें बीमारू कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार गैर संचारी रोगों की रोकथाम पर सबसे ज्यादा फोकस करने जा रही है। इससे पहले, सत्र को संबोधित करते हुए चौबे ने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, योगा, ध्यान केंद्र, पंचकर्म, नेचुरोपैथी आदि के क्षेत्र में निवेश की पर्याप्त संभावनाएं हैं। प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण होंगे। योगाभ्यास के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार के साथ अन्य पर्यटक स्थलों को भी वह पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि निवेशक राज्य में पर्यटन और योगा केंद्र अवस्थापना विकास में बेहिचक अधिकाधिक रुचि जाहिर करें।
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उन्होंने बताया कि हल्द्वानी और अन्य जनपदों में आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में सिंगल विंडों के माध्यम से निवेश के लिए बेहतरीन माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आनंदा, पतंजलि के साथ-साथ अन्य निवेशकों को भी आयुष, पंचकर्मा, योगा, मसाज आदि चिकित्सा के क्षेत्र में आगे आने का आहृवान किया। उन्होंने आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 50 करोड़ लोगों को पांच लाख तक की चिकित्सा के लिए बीमा सुविधा दी जा रही है।
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साथ ही 1300 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान वेलनेस सेंटरों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के संचालन के लिए आरोग्य मित्रों को भी रखा गया है। 15 हजार आरोग्य मित्रों को सरकार ने प्रशिक्षित किया है। इस सत्र में आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, आयुष सचिव आरके सुधांशु, महेश नटराजन, सौम्यजीत राय, प्रो.अभिमन्यु कुमार, रंजीत मेहता, डॉ.विजय धस्माना आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
पर्यटन की भूमि न कहो उत्तराखंड को
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे का कहना है कि उत्तराखंड को पर्यटन की भूमि न कहो, बल्कि इसे नैतिक और अध्यात्म की भूमि कहा जाए। इसी हिसाब से यहां पर तीर्थाटन के विकास की बात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पूरे विश्व के लिए वेलनेस की भूमि साबित हो सकती है। यहां वेलनेस हब बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना स्वस्थ उत्तराखंड के स्वस्थ भारत का निर्माण संभव नहीं है।