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एक अप्रैल से कंपाउंडिंग पर करना होगा दोगुना खर्च
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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देहरादून। वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम के तहत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में कंपाउंडिंग (शमन) कराने का आज अंतिम दिन है। इसके बाद एक अप्रैल से कंपाउंडिंग कराने पर भवन स्वामी को दोगुनी धनराशि देनी होगी। वन टाइम सेटलमेंट के तहत शनिवार तक एमडीडीए में करीब 410 मामले पहुंचे हैं।
एमडीडीए ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत जनवरी में एकल आवास, व्यावसायिक भवन, आवासीय भू-उपयोग में व्यावसायिक दुकान तथा आवासीय क्षेत्र में नर्सिंग होम, क्लीनिक, ओपीडी पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर, चाइल्ड केयर, नर्सरी स्कूल, क्रैच एवं प्लेग्रुप को वन टाइम सेटलमेंट के तहत अवैध को वैध निर्माण कराने की योजना शुरू की थी। जिसके तहत 31 मार्च तक आवेदन करने का समय दिया था। शुरुआत में ओटीएस के तहत 25 मार्च तक केवल आवेदन 180 मामले ही पहुंचे थे। लेकिन, बीते पांच दिनों सैकड़ों की संख्या में आवेदन पहुंचे।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार तक ओटीएस को लेकर मामलों की संख्या करीब 410 हो गई है। हालांकि इसके बावजूद ये संख्या कम है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में एक हजार से अधिक ऐसे निर्माण हैं, जो निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। 350 मामले आवासीय हैं, जबकि 60 मामले कॉमर्शियल निर्माण संबंधी हैं।
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जून में एमडीडीए अभियान चलाकर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करेगा। एमडीडीए के अधिकारियों के मुताबिक वन टाइम सेटलमेंट के तहत अगर 150 वर्ग मीटर के भू खंड पर निर्माण की मौजूदा समयसीमा पर कंपाउंडिंग कराई जाती है तो उस पर करीब 2,54,000 रुपये भुगतान करना होगा। वहीं, एक अप्रैल से कंपाउंडिंग कराने पर इस पर भवन स्वामी को 5,84,000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
एमडीडीए ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत जनवरी में एकल आवास, व्यावसायिक भवन, आवासीय भू-उपयोग में व्यावसायिक दुकान तथा आवासीय क्षेत्र में नर्सिंग होम, क्लीनिक, ओपीडी पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर, चाइल्ड केयर, नर्सरी स्कूल, क्रैच एवं प्लेग्रुप को वन टाइम सेटलमेंट के तहत अवैध को वैध निर्माण कराने की योजना शुरू की थी। जिसके तहत 31 मार्च तक आवेदन करने का समय दिया था। शुरुआत में ओटीएस के तहत 25 मार्च तक केवल आवेदन 180 मामले ही पहुंचे थे। लेकिन, बीते पांच दिनों सैकड़ों की संख्या में आवेदन पहुंचे।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार तक ओटीएस को लेकर मामलों की संख्या करीब 410 हो गई है। हालांकि इसके बावजूद ये संख्या कम है। अधिकारियों के मुताबिक शहर में एक हजार से अधिक ऐसे निर्माण हैं, जो निर्माण मानकों के विपरीत किया गया है। 350 मामले आवासीय हैं, जबकि 60 मामले कॉमर्शियल निर्माण संबंधी हैं।
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जून में एमडीडीए अभियान चलाकर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करेगा। एमडीडीए के अधिकारियों के मुताबिक वन टाइम सेटलमेंट के तहत अगर 150 वर्ग मीटर के भू खंड पर निर्माण की मौजूदा समयसीमा पर कंपाउंडिंग कराई जाती है तो उस पर करीब 2,54,000 रुपये भुगतान करना होगा। वहीं, एक अप्रैल से कंपाउंडिंग कराने पर इस पर भवन स्वामी को 5,84,000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।