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निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई फिर शुरू
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देहरादून। अपंजीकृत निजी अस्पतालों के खिलाफ एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को कारगी क्षेत्र में चार क्लीनिकों पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) के तहत कार्रवाई की गई, उन्हें सील कर दिया गया। इससे पहले कुछ दिनों से कार्रवाई नहीं हुई थी। माना जा रहा था कि सरकार और भारतीय चिकित्सा संघ के बीच हुई बातचीत में इस संबंध में कोई निर्णय लिया गया है।
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बुधवार को सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके सिंह के नेतृत्व में टीम ने कारगी और बंजारावाला क्षेत्र के क्लीनिकों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पब्लिक हेल्थकेयर क्लीनिक, रुहानी दवाखाना, मेदास क्लीनिक और कोमल ऑर्थो उपचार नाम के क्लीनिकों पर कार्रवाई हुई। पंजीयन प्रमाणपत्र न दिखाने पर इन क्लीनिकों को सील कर दिया गया।
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कुछ दिन पहले चर्चा थी कि सरकार और भारतीय चिकित्सा संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई में छूट दी गई है। हालांकि इस संबंध में सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि न्यायालय के आदेशों से यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार और संघ के बीच क्या बातचीत हुई इस संबंध में विभाग को कोई जानकारी नहीं मिली है। लिहाजा यह कार्रवाई जारी रहेगी। चूंकि, अभी चुनाव का माहौल है तो प्रशासन से फोर्स व अधिकारी मिलने में मुश्किल हो सकती है, मगर चुनावों के बाद इस अभियान में और तेजी आएगी।
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नहीं हुई समिति गठित
आईएमए (भारतीय चिकित्सा संघ) की तालाबंदी के बाद सरकार और संगठन के बीच बातचीत हुई थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र और आईएमए के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन और एमडीडीए के नियमों में छूट पर विचार के लिए कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का निर्णय हुआ था। अभी तक इस समिति का गठन भी नहीं हो पाया है।