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निगम में शामिल नए इलाकों के प्रधानों ने नहीं जमा कराए बस्ते
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नगर निगम में शामिल 72 गांवों के प्रधानों ने अभी तक अपने बस्ते (पंचायत से संबंधित दस्तावेज) जमा नहीं कराए हैं। इस बाबत मंगलवार को नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने बीडीओ को पत्र भेजा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि पूर्व प्रधानों को अब तक अपने बस्ते जमा करा देने चाहिए थे, लेकिन अभी तक बस्ते जमा नहीं कराए हैं। ऐसे में जमीन के खुर्दबुर्द किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पत्र के अनुसार 72 गांव नगर निगम में शामिल होने के बाद निगम का दायरा बढ़ गया है। पहले नगर निगम का दायरा 64 वर्ग किलोमीटर था, जो अब 196 वर्ग किलोमीटर हो गया है। निगम में शामिल नए इलाकों की सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में जब तक जमीन पर विवाद और वाद की स्थिति साफ नहीं होती, प्रधानों के बस्ते जमा नहीं किए जाएंगे। अतिक्रमण मिलने पर संबंधित पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय होगी। नगर आयुक्त के मुताबिक पहले पूर्व प्रधानों को सरकारी जमीन संबंधी पूरे दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद सभी दस्तावेजों के साथ भौतिक सत्यापन किया जाएगा। तभी पूर्व प्रधानों के बस्ते जमा किए जाएंगे।
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नगर निगम में शामिल 72 गांवों के प्रधानों ने अभी तक अपने बस्ते (पंचायत से संबंधित दस्तावेज) जमा नहीं कराए हैं। इस बाबत मंगलवार को नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने बीडीओ को पत्र भेजा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि पूर्व प्रधानों को अब तक अपने बस्ते जमा करा देने चाहिए थे, लेकिन अभी तक बस्ते जमा नहीं कराए हैं। ऐसे में जमीन के खुर्दबुर्द किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पत्र के अनुसार 72 गांव नगर निगम में शामिल होने के बाद निगम का दायरा बढ़ गया है। पहले नगर निगम का दायरा 64 वर्ग किलोमीटर था, जो अब 196 वर्ग किलोमीटर हो गया है। निगम में शामिल नए इलाकों की सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में जब तक जमीन पर विवाद और वाद की स्थिति साफ नहीं होती, प्रधानों के बस्ते जमा नहीं किए जाएंगे। अतिक्रमण मिलने पर संबंधित पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय होगी। नगर आयुक्त के मुताबिक पहले पूर्व प्रधानों को सरकारी जमीन संबंधी पूरे दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद सभी दस्तावेजों के साथ भौतिक सत्यापन किया जाएगा। तभी पूर्व प्रधानों के बस्ते जमा किए जाएंगे।
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