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अधिग्रहण करने पहुंची टीम हंगामे के बाद लौटी
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:53 PM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
देवबंद रेल लाइन भूमि अधिग्रहण के लिए जेसीबी लेकर प्रशासन की टीम पहुंची। इस पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित किसान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती, तब तक किसान जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। इसको लेकर घंटों तक हंगामा चलता रहा। शाम तक एएसडीएम और रेलवे के अधिकारियों के सामने किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद टीम लौट आई।
रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन बाईपास निर्माण के लिए कई किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। किसान जमीन का अधिग्रहण ठीक तरीके से नहीं होने और प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को रेलवे विभाग के अधिकारी और तहसील प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ भीस्तीपुर गांव जमीन अधिग्रहण करने के लिए पहुंची। टीम को देखकर किसान भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। टीम का प्रयास विफल हो गया। किसानों की मांग भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पैमाइश में गड़बड़ी और प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी दिलाना है। इस दौरान अधिग्रहण कार्य को रुकवा दिया गया। किसानों का हंगामा देखकर एएसडीएम रविंद्र बिष्ट, अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल और गंगनहर से पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। वार्ता में कोई हल नहीं निकलने के बाद टीम लौट आई।
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देवबंद रेल लाइन भूमि अधिग्रहण के लिए जेसीबी लेकर प्रशासन की टीम पहुंची। इस पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित किसान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती, तब तक किसान जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। इसको लेकर घंटों तक हंगामा चलता रहा। शाम तक एएसडीएम और रेलवे के अधिकारियों के सामने किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद टीम लौट आई।
रुड़की-देवबंद रेलवे लाइन बाईपास निर्माण के लिए कई किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। किसान जमीन का अधिग्रहण ठीक तरीके से नहीं होने और प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को रेलवे विभाग के अधिकारी और तहसील प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ भीस्तीपुर गांव जमीन अधिग्रहण करने के लिए पहुंची। टीम को देखकर किसान भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। टीम का प्रयास विफल हो गया। किसानों की मांग भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पैमाइश में गड़बड़ी और प्रभावित परिवारों के एक-एक सदस्य को नौकरी दिलाना है। इस दौरान अधिग्रहण कार्य को रुकवा दिया गया। किसानों का हंगामा देखकर एएसडीएम रविंद्र बिष्ट, अपर तहसीलदार सुशीला कोठियाल और गंगनहर से पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। वार्ता में कोई हल नहीं निकलने के बाद टीम लौट आई।
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