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केदार वैली में नियमों को दरकिनार कर उड़ान भर रहे हेलीकाप्टर
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:04 AM IST
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केदार वैली में नियमों को दरकिनार कर उड़ान भर रहे हेलीकाप्टर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। निजी उड्डयन कंपनियां केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवाओं में उड्डयन और वन विभाग के नियमों को दरकिनार कर उड़ान भर रही हैं। वन विभाग की ओर से केदारनाथ धाम में हेलीकाप्टरों की उड़ान पर निगरानी रखने के लिए स्थापित मानीटरिंग सेंटर ने जो रिपोर्ट तैयार की है वह चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां उन तमाम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं जो हेली कंपनियाें के लिए बनाए गए थे। प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट वन निदेशालय के साथ ही एनजीटी को भेज दी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ अमित कंवर की ओर से वन निदेशालय, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि हेलीकाप्टरों की उड़ान के लिए स्थापित किए गए मानीटरिंग सेंटर के डाटा का अध्ययन करने से पता चला है कि हेली कंपनियों के हेलीकाप्टर न सिर्फ छह सौ मीटर के नीचे उड़ानें भर रहे हैं वरन एक दिन में निर्धारित 300 उड़ानाें से बहुत अधिक संख्या में उड़ानें भर रहे हैं। इतना ही नहीं प्रभागीय वनाधिकारी की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि केदारनाथ धाम जाने के लिए जो रूट निर्धारित किए गए थे, हेलीकाप्टर उनके बजाए दूसरे अन्य रूटों से उड़ान भर रहे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि हेली कंपनियों के इन हेलीकाप्टरों द्वारा निर्धारित प्रावधानाें का पालन नहीं किए जाने से इसका सीधा केदारवैली की पारिस्थितिकी पर भी पड़ रहा है। केदारवैली में पाए जाने वन्यजीव इससे प्रभावित हो रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रभागीय वनाधिकारी ने रिपोर्ट भेजी थी। प्रकरण उजागर होने के बाद एनजीटी के निर्देश पर भारतीय वन्यजीव संस्थान के विज्ञानियों ने हेलीकाप्टरों के संचालन से वन्यजीवों पर पड़ रहे असर का अध्ययन किया था और शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। अब जबकि प्रभागीय वनाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट भेजी है तो एनजीटी में अगली सुनवाई पर रिपोर्ट का संज्ञान लिया जाना लाजिमी है।
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हेलीकाप्टरों की उड़ान को लेकर स्थापित मानीटनिंग सेंटर के डाटा के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर वन निदेशालय, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक व एनजीटी को रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि तमाम हेली कंपनियां निर्धारित प्रावधानों कोे दरकिनार कर हेलीकाप्टरों का संचालन कर रही हैं। प्रकरण की एनजीटी में सुनवाई चल रही है।
- अमित कंवर, प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ वन प्रभाग
अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था
केदार वैली में हेलीकाप्टरों की अनियमित उड़ानोें और इससे वैली के पारिस्थितिकी पर पड़ने पर वैज्ञानिक प्रभावों को लेकर अमर उजाला ने रिपोर्ट प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसी रिपोर्ट के बाद मामला एनजीटी के पास पहुंचा और प्रकरण की एनजीटी में लगातार सुनवाई हो रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। निजी उड्डयन कंपनियां केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेली सेवाओं में उड्डयन और वन विभाग के नियमों को दरकिनार कर उड़ान भर रही हैं। वन विभाग की ओर से केदारनाथ धाम में हेलीकाप्टरों की उड़ान पर निगरानी रखने के लिए स्थापित मानीटरिंग सेंटर ने जो रिपोर्ट तैयार की है वह चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां उन तमाम कानूनों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं जो हेली कंपनियाें के लिए बनाए गए थे। प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ की ओर से इस संबंध में रिपोर्ट वन निदेशालय के साथ ही एनजीटी को भेज दी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ अमित कंवर की ओर से वन निदेशालय, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि हेलीकाप्टरों की उड़ान के लिए स्थापित किए गए मानीटरिंग सेंटर के डाटा का अध्ययन करने से पता चला है कि हेली कंपनियों के हेलीकाप्टर न सिर्फ छह सौ मीटर के नीचे उड़ानें भर रहे हैं वरन एक दिन में निर्धारित 300 उड़ानाें से बहुत अधिक संख्या में उड़ानें भर रहे हैं। इतना ही नहीं प्रभागीय वनाधिकारी की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि केदारनाथ धाम जाने के लिए जो रूट निर्धारित किए गए थे, हेलीकाप्टर उनके बजाए दूसरे अन्य रूटों से उड़ान भर रहे हैं।
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प्रभागीय वनाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि हेली कंपनियों के इन हेलीकाप्टरों द्वारा निर्धारित प्रावधानाें का पालन नहीं किए जाने से इसका सीधा केदारवैली की पारिस्थितिकी पर भी पड़ रहा है। केदारवैली में पाए जाने वन्यजीव इससे प्रभावित हो रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रभागीय वनाधिकारी ने रिपोर्ट भेजी थी। प्रकरण उजागर होने के बाद एनजीटी के निर्देश पर भारतीय वन्यजीव संस्थान के विज्ञानियों ने हेलीकाप्टरों के संचालन से वन्यजीवों पर पड़ रहे असर का अध्ययन किया था और शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। अब जबकि प्रभागीय वनाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट भेजी है तो एनजीटी में अगली सुनवाई पर रिपोर्ट का संज्ञान लिया जाना लाजिमी है।
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हेलीकाप्टरों की उड़ान को लेकर स्थापित मानीटनिंग सेंटर के डाटा के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर वन निदेशालय, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक व एनजीटी को रिपोर्ट भेजी गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि तमाम हेली कंपनियां निर्धारित प्रावधानों कोे दरकिनार कर हेलीकाप्टरों का संचालन कर रही हैं। प्रकरण की एनजीटी में सुनवाई चल रही है।
- अमित कंवर, प्रभागीय वनाधिकारी केदारनाथ वन प्रभाग
अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था
केदार वैली में हेलीकाप्टरों की अनियमित उड़ानोें और इससे वैली के पारिस्थितिकी पर पड़ने पर वैज्ञानिक प्रभावों को लेकर अमर उजाला ने रिपोर्ट प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसी रिपोर्ट के बाद मामला एनजीटी के पास पहुंचा और प्रकरण की एनजीटी में लगातार सुनवाई हो रही है।