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बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारित नही करने के मामले मे 665 अस्पतालों को नोटिस
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सरकारी और निजी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण समेत प्रदूषण नियंत्रण के प्रावधानों को पालन नहीं करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के 665 अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। अस्पताल संचालकों को हिदायत दी गई है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रावधान के तहत वैज्ञानिक तरीके से ही बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करें। नहीं तो जुर्माना लगाने के साथ ही अस्पतालों को सील भी किया जा सकता है।
बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान प्रदेश में अभियान चलाकर ऐसे सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को चिह्नित किया गया, जो प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का पालन नहीं कर रहे थे। अब इनको नोटिस भेज दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के मुताबिक, इन अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ये अस्पताल बायो मेडिकल वेस्ट को या तो खुले में फेंकते हैं या फिर अवैज्ञानिक तरीके से इन्हें जमीन में दबाया जा रहा है। यह किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इनमें कई बड़े निजी अस्पतालों के अलावा तमाम नर्सिंग होम और सरकारी अस्पताल शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन करने वालों में सबसे अधिक अस्पताल हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी के हैं।
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इन अस्पतालों पर लगाया गया है 50-50 हजार का जुर्माना
1. तपन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा
2. स्वास्तिक हॉस्पिटल, खटीमा
3. रतूड़ी हॉस्पिटल, खटीमा
4. अरिहंत एडवांस सर्जिकल एंड फर्टिलिटी सेंटर, देहरादून
5. रामकृष्ण मिशन अस्पताल, हरिद्वार
6. सांख्य अस्पताल, देहरादून
7. पांडेय हॉस्पिटल, बाजपुर
8. आरजीएमके स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, दून
9. पैरामेडिकल साइंस कॉलेज एंड हॉस्पिटल, देहरादून
10. एलबी भट्ट, गवर्नमेंट बेस हॉस्पिटल, काशीपुर
11. श्रीकृष्ण हॉस्पिटल काशीपुर
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सरकारी और निजी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण समेत प्रदूषण नियंत्रण के प्रावधानों को पालन नहीं करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश के 665 अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। अस्पताल संचालकों को हिदायत दी गई है कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रावधान के तहत वैज्ञानिक तरीके से ही बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करें। नहीं तो जुर्माना लगाने के साथ ही अस्पतालों को सील भी किया जा सकता है।
बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान प्रदेश में अभियान चलाकर ऐसे सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को चिह्नित किया गया, जो प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का पालन नहीं कर रहे थे। अब इनको नोटिस भेज दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के मुताबिक, इन अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ये अस्पताल बायो मेडिकल वेस्ट को या तो खुले में फेंकते हैं या फिर अवैज्ञानिक तरीके से इन्हें जमीन में दबाया जा रहा है। यह किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इनमें कई बड़े निजी अस्पतालों के अलावा तमाम नर्सिंग होम और सरकारी अस्पताल शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण कानून का उल्लंघन करने वालों में सबसे अधिक अस्पताल हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी के हैं।
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इन अस्पतालों पर लगाया गया है 50-50 हजार का जुर्माना
1. तपन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा
2. स्वास्तिक हॉस्पिटल, खटीमा
3. रतूड़ी हॉस्पिटल, खटीमा
4. अरिहंत एडवांस सर्जिकल एंड फर्टिलिटी सेंटर, देहरादून
5. रामकृष्ण मिशन अस्पताल, हरिद्वार
6. सांख्य अस्पताल, देहरादून
7. पांडेय हॉस्पिटल, बाजपुर
8. आरजीएमके स्टोन यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, दून
9. पैरामेडिकल साइंस कॉलेज एंड हॉस्पिटल, देहरादून
10. एलबी भट्ट, गवर्नमेंट बेस हॉस्पिटल, काशीपुर
11. श्रीकृष्ण हॉस्पिटल काशीपुर