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देर से आना और जल्दी जाना छोड़ दीजिए अब
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:14 AM IST
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अब नहीं चलेगा देर से आना, जल्दी जाना
रुड़की। सिविल अस्पताल में शनिवार को नवनियुक्त सीएमएस डा. एके मिश्रा ने बैठक कर चिकित्सकों को सबसे पहले अपनी टाइमिंग सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में एमआर के अनावश्यक रूप से बैठने पर भी आपत्ति जताई। साथ ही सभी डाक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए।
सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीज परेशान हैं। स्थिति यह है कि ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक है, लेकिन अधिकतर चिकित्सक दस बजे के बाद ड्यूटी पर पहुंचते हैं। दोपहर एक बजे के बाद उठकर चले जाते हैं। चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बायोमीट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से रजिस्ट्रर पर हाजिरी दर्ज की जाने लगी। यही नहीं कुछ चिकित्सक सुबह आठ बजे बायोमीट्रिक अटेंडेेंस लगाकर चले जाते हैं, जबकि दोपहर बाद आकर दुबारा से उपस्थिति दर्ज करते हैं। कुछ चिकित्सक रजिस्ट्रर पर उपस्थिति दर्ज करते हैं। हाजिरी के इस खेल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओपीडी में डाक्टर न होने से मरीजों की ओर से कई बार सीएमएस से भी शिकायत की जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दो दिन पहले कार्यभार ग्रहण करने के बाद सीएमएस डा. एके मिश्रा ने शनिवार को बैठक कर चिकित्सकों को समय पर आने के निर्देश जारी किए।
सिविल अस्पताल में एनेस्थीसिया न होने से जहां फिलहाल आपरेशन पर ब्रेक लग गया है, वहीं लंबे समय से महिला चिकित्सक के न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएमएस डा. एके मिश्रा का कहना है कि जल्द संविदा पर महिला चिकित्सक और एनेस्थीसिया की तैनाती की जाएगी।
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रुड़की। सिविल अस्पताल में शनिवार को नवनियुक्त सीएमएस डा. एके मिश्रा ने बैठक कर चिकित्सकों को सबसे पहले अपनी टाइमिंग सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी में एमआर के अनावश्यक रूप से बैठने पर भी आपत्ति जताई। साथ ही सभी डाक्टरों को जेनरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए।
सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीज परेशान हैं। स्थिति यह है कि ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक है, लेकिन अधिकतर चिकित्सक दस बजे के बाद ड्यूटी पर पहुंचते हैं। दोपहर एक बजे के बाद उठकर चले जाते हैं। चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बायोमीट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से रजिस्ट्रर पर हाजिरी दर्ज की जाने लगी। यही नहीं कुछ चिकित्सक सुबह आठ बजे बायोमीट्रिक अटेंडेेंस लगाकर चले जाते हैं, जबकि दोपहर बाद आकर दुबारा से उपस्थिति दर्ज करते हैं। कुछ चिकित्सक रजिस्ट्रर पर उपस्थिति दर्ज करते हैं। हाजिरी के इस खेल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओपीडी में डाक्टर न होने से मरीजों की ओर से कई बार सीएमएस से भी शिकायत की जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दो दिन पहले कार्यभार ग्रहण करने के बाद सीएमएस डा. एके मिश्रा ने शनिवार को बैठक कर चिकित्सकों को समय पर आने के निर्देश जारी किए।
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सिविल अस्पताल में एनेस्थीसिया न होने से जहां फिलहाल आपरेशन पर ब्रेक लग गया है, वहीं लंबे समय से महिला चिकित्सक के न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएमएस डा. एके मिश्रा का कहना है कि जल्द संविदा पर महिला चिकित्सक और एनेस्थीसिया की तैनाती की जाएगी।
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