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मांगे पांच करोड़, मिला एक धेला भी नहीं
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ मेला सिर पर है और व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को अभी बजट के नाम पर एक धेला भी नहीं मिला। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारी अपने अधीनस्थों के साथ बैठक करके जरूरी दिशा निर्देश तो जारी कर रहे, लेकिन बजट की नहीं। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों के प्रस्तावों के आधार पर शासन को पांच करोड़ की डिमांड भेजी जा चुकी है। यात्रा शुरू होने में अब केवल ग्यारह दिन ही बचे हैं और तैयारियां अभी धरातल पर शुरू नहीं हो सकी।
सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा कांवड़ को अभी तक भी विधिवत सूचीबद्ध मेलों में शामिल नहीं किया गया है, जबकि पहले भाजपा सरकार और उसके बाद कांग्रेस सरकार इसके लिए घोषणा कर चुकी थी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके लिए हरिद्वार में ही पिछले साल घोषणा भी की थी। इसके बाद भी अभी तक शासनादेश नहीं किया जारी नहीं हो सका। अब स्थिति यह है कि प्रशासन की ओर से कांवड़ मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन बजट एक भी पैसा नहीं मिल पाया है।
नगर निगम को कांवड़ में बाजार सजाने के लिए अलावा सफाई व्यवस्था आदि का भी काम कराना है। शौचालय बनवाने के साथ ही पार्किंग की भी व्यवस्था की जाती है। पचास लाख रुपये की मांग नगर निगम की ओर से की गई है। अभी एक भी पैसा नहीं मिला है।
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पुलिस प्रशसन को जगह-जगह बेरिकेडिंग और यातायात संबंधी व्यवस्थाएं करनी है। अतिरिक्त पुलिस पिकेट भी बनाए जाएंगे। विभाग ने 47 लाख की डिमांड भेजी थी। पैसा नहीं मिलने के काम की गति तेज नहीं दिख रही है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को बुलाकर वर्कआर्डर दिए गए हैं। बजट मिलने पर उसका भुगतान किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से एक करोड़ तीन लाख रुपये की मांग की गई। विभाग की ओर से कांवड़ पटरी पर पैचवर्क बनाने का काम शुरु किया गया है।
शासन को पांच करोड़ के बजट का मांग पत्र बनाकर भेजा गया है। अभी तक पैसा आवंटित नहीं हुआ है। शीघ्र ही पैसा मिलने की उम्मीद है। इस प्रत्याशा में फिलहाल काम शुरू कराए गए हैं। मेले की तैयारी में पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार
इतनी बड़ी यात्रा को अभी तक पंजीकृत मेलों में शामिल नहीं किया जाना बड़ा विषय है। बजट के अभाव में काम तो प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन फिर भी समय से बजट मिल जाता है तो काम की गति बढ़ जाती है।
-मनोज गर्ग, मेयर नगर निगम
कांवड़ पटरी को संवारेगी जिला पंचायत
जिला पंचायत ने पूरे ग्रामीण क्षेत्र में कांवड़ पटरी के रखरखाव के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं मांगा है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीवनाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिला पंचायत की ओर से कांवड़ पटरी पर एक मूत्रालय का निर्माण किया जाएगा। पटरी से झाड़ियों का कटान और पेड़ों की लॉपिंग आदि का काम करने के साथ ही पांच स्थानों पर सुलभ शौचालय भी बनवाए जाएंगे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में भी जिला पंचायत की ओर से जब बिना अतिरिक्त बजट के ही कांवड़ की व्यवस्थाएं करने की बात कही थी तो खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी जिला पंचायत के अधिकारियों की सराहना की थी।
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हरिद्वार।
कांवड़ मेला सिर पर है और व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को अभी बजट के नाम पर एक धेला भी नहीं मिला। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारी अपने अधीनस्थों के साथ बैठक करके जरूरी दिशा निर्देश तो जारी कर रहे, लेकिन बजट की नहीं। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों के प्रस्तावों के आधार पर शासन को पांच करोड़ की डिमांड भेजी जा चुकी है। यात्रा शुरू होने में अब केवल ग्यारह दिन ही बचे हैं और तैयारियां अभी धरातल पर शुरू नहीं हो सकी।
सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा कांवड़ को अभी तक भी विधिवत सूचीबद्ध मेलों में शामिल नहीं किया गया है, जबकि पहले भाजपा सरकार और उसके बाद कांग्रेस सरकार इसके लिए घोषणा कर चुकी थी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके लिए हरिद्वार में ही पिछले साल घोषणा भी की थी। इसके बाद भी अभी तक शासनादेश नहीं किया जारी नहीं हो सका। अब स्थिति यह है कि प्रशासन की ओर से कांवड़ मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन बजट एक भी पैसा नहीं मिल पाया है।
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नगर निगम को कांवड़ में बाजार सजाने के लिए अलावा सफाई व्यवस्था आदि का भी काम कराना है। शौचालय बनवाने के साथ ही पार्किंग की भी व्यवस्था की जाती है। पचास लाख रुपये की मांग नगर निगम की ओर से की गई है। अभी एक भी पैसा नहीं मिला है।
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पुलिस प्रशसन को जगह-जगह बेरिकेडिंग और यातायात संबंधी व्यवस्थाएं करनी है। अतिरिक्त पुलिस पिकेट भी बनाए जाएंगे। विभाग ने 47 लाख की डिमांड भेजी थी। पैसा नहीं मिलने के काम की गति तेज नहीं दिख रही है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को बुलाकर वर्कआर्डर दिए गए हैं। बजट मिलने पर उसका भुगतान किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से एक करोड़ तीन लाख रुपये की मांग की गई। विभाग की ओर से कांवड़ पटरी पर पैचवर्क बनाने का काम शुरु किया गया है।
शासन को पांच करोड़ के बजट का मांग पत्र बनाकर भेजा गया है। अभी तक पैसा आवंटित नहीं हुआ है। शीघ्र ही पैसा मिलने की उम्मीद है। इस प्रत्याशा में फिलहाल काम शुरू कराए गए हैं। मेले की तैयारी में पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार
इतनी बड़ी यात्रा को अभी तक पंजीकृत मेलों में शामिल नहीं किया जाना बड़ा विषय है। बजट के अभाव में काम तो प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन फिर भी समय से बजट मिल जाता है तो काम की गति बढ़ जाती है।
-मनोज गर्ग, मेयर नगर निगम
कांवड़ पटरी को संवारेगी जिला पंचायत
जिला पंचायत ने पूरे ग्रामीण क्षेत्र में कांवड़ पटरी के रखरखाव के लिए कोई अतिरिक्त बजट नहीं मांगा है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीवनाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिला पंचायत की ओर से कांवड़ पटरी पर एक मूत्रालय का निर्माण किया जाएगा। पटरी से झाड़ियों का कटान और पेड़ों की लॉपिंग आदि का काम करने के साथ ही पांच स्थानों पर सुलभ शौचालय भी बनवाए जाएंगे। पिछले दिनों मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में भी जिला पंचायत की ओर से जब बिना अतिरिक्त बजट के ही कांवड़ की व्यवस्थाएं करने की बात कही थी तो खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने भी जिला पंचायत के अधिकारियों की सराहना की थी।