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पीएनबी को लौटाने होंगे उपभोक्ता के 3.12 लाख
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देहरादून। जिला उपभोक्ता फोरम ने एक वाद की सुनवाई करते हुए पंजाब नेशनल बैंक को गलत तरीके से खाते से निकले 3.12 लाख रुपये उपभोक्ता को लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही बैंक को पीड़ित को 20 हजार रुपये मानसिक क्षति और तीन हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी चुकाने होंगे।
अभियोजन के अनुसार रेसकोर्स निवासी रणजीत सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। रणजीत सिंह का पीएनबी के रेसकोर्स शाखा में खाता था। उन्होंने बैंक में चेक बुक के लिए आवेदन किया था, लेकिन चेक रणजीत सिंह को नहीं मिला। इसी दौरान उनके खाते से किसी ने 3.12 लाख रुपये निकाल लिए। जो गुड़गांव के किसी हरीश इंटरप्राइजेज के खाते में डाले गए। इसके बाद उन्होंने बैंकिंग लोक पाल में शिकायत दर्ज की, लेकिन बैंकिंग लोकपाल ने यह कहते हुए मामला सुनने से मना कर दिया कि इस संबंध में बैंक की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके बाद जब रणजीत सिंह ने आरटीआई में एफआईआर की सूचना मांगी तो पता चला कि इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद रणजीत सिंह ने इसे सेवा में कमी बताते हुए फोरम में वाद दायर किया। दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों के आधार पर बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक को वादी को 3.12 लाख रुपये लौटाने के साथ ही मानसिक क्षति के रूप में 20 हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये भुगतान करने के आदेश दिए। बैंक को यह धनराशि 30 दिन के अंदर भुगतान करनी होगी।
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अभियोजन के अनुसार रेसकोर्स निवासी रणजीत सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। रणजीत सिंह का पीएनबी के रेसकोर्स शाखा में खाता था। उन्होंने बैंक में चेक बुक के लिए आवेदन किया था, लेकिन चेक रणजीत सिंह को नहीं मिला। इसी दौरान उनके खाते से किसी ने 3.12 लाख रुपये निकाल लिए। जो गुड़गांव के किसी हरीश इंटरप्राइजेज के खाते में डाले गए। इसके बाद उन्होंने बैंकिंग लोक पाल में शिकायत दर्ज की, लेकिन बैंकिंग लोकपाल ने यह कहते हुए मामला सुनने से मना कर दिया कि इस संबंध में बैंक की ओर से एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके बाद जब रणजीत सिंह ने आरटीआई में एफआईआर की सूचना मांगी तो पता चला कि इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद रणजीत सिंह ने इसे सेवा में कमी बताते हुए फोरम में वाद दायर किया। दोनों पक्षों की दलीलों, साक्ष्यों के आधार पर बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक को वादी को 3.12 लाख रुपये लौटाने के साथ ही मानसिक क्षति के रूप में 20 हजार और वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये भुगतान करने के आदेश दिए। बैंक को यह धनराशि 30 दिन के अंदर भुगतान करनी होगी।
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