Dehradun News: शहर में मौत बनकर खड़े हैं 29 गिरासू भवन...उम्र हो चुकी है करीब 100 साल, खाली नहीं कर रहे लोग
देहरादून शहर के तहसील चौक, घंटाघर, राजा रोड, तिलक रोड, आढ़त बाजार, झंडा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, मोती बाजार, घोसी गली, धारा चौकी के समीप गिरासू भवन मौजूद हैं।
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देहरादून में 29 भवन मौत बनकर खड़े है। यह भवन इतनी जर्जर स्थिति में हैं कि कभी भी गिर सकते हैं। नोटिस के बावजूद न तो लोग इन भवनों को खाली कर रहे हैं और न ही जिला प्रशासन इन्हें ध्वस्त करने के लिए आगे आ रहा है।
इन 29 भवनों की उम्र 80 से 100 साल है। इन भवनों में न सिर्फ बड़ी संख्या में लोग दुकानें चलाते हैं, बल्कि कई परिवार भी यहां रहते हैं। हर साल बरसात में इन भवनों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। वर्ष 2020 में बारिश के दौरान ही चुक्खूवाला में जर्जर भवन गिरने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी सिस्टम की नींद नहीं खुली।
मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद प्रशासन के लिए चुनौती
देहरादून शहर के तहसील चौक, घंटाघर, राजा रोड, तिलक रोड, आढ़त बाजार, झंडा बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, मोती बाजार, घोसी गली, धारा चौकी के समीप गिरासू भवन मौजूद हैं। यहां 11 भवन ऐसे हैं, जिनमें मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद चल रहा है। यह मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। यही वजह है कि इन पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
अदालत में सबसे बड़े गिरासू भवन का मामला भी
देहरादून के कनॉट प्लेस स्थित एलआईसी बिल्डिंग की बात करें तो यह लगभग 100 साल पुरानी सबसे लंबी-चौड़ी गिरासू बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग के पास दर्जनों दुकानदार काम करते हैं। भवन के ऊपरी हिस्से में दर्जनों परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। बेहद जर्जर हो चुकी इस बिल्डिंग में कई जगह गिरासू भवन वाला नोटिस चस्पा है। हालांकि, इसका किसी पर भी असर नहीं हो रहा है। यहां भी किरायेदार और एलआईसी के बीच चल रहा विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, इस बिल्डिंग के कई हिस्से कानूनी प्रक्रिया के बाद खाली भी कराए जा चुके हैं।
गिरासू भवनों को खाली करने का नोटिस कई बार दिया जा चुका है। भवन मालिकों को स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी गई है कि वह इन्हें धस्त कर दें। लेकिन, चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
- मनुज गोयल, नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून