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278 गांवों की विस्थापन प्रक्रिया शुरू
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 08:39 AM IST
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प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 278 गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए प्रमुख वन संरक्षक डा.आरबीएस रावत की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। विस्थापन के लिए जमीन का सर्वे वन विभाग करेगा। इस संबंध में सात बिंदुओं पर मानक तय किए गए हैं। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है।
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सबसे पहले प्रभागीय वन अधिकारियों के स्तर पर गांवों में परिवारों की संख्या की गिनती कराई जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि प्रति परिवार कितनी भूमि की जरूरत है। इसके बाद वृक्ष विहीन, खासकर सिविल सोयम वन क्षेत्रों में भूमि चिह्नित करके लोगों को विस्थापित किया जाएगा। सिविल सोयम वनों में जमीन उपलब्ध न होने पर वन पंचायत भूमि को चिह्नित किया जाएगा। जमीन चिह्नित करते समय यातायात, पानी व अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता का खास ख्याल रखा जाएगा।
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यह होगी कमेटी
प्रमुख वन संरक्षक डा.आरबीएस रावत कमेटी के अध्यक्ष होंगे। राजिन्दर महाजन अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी संयोजक, मोनीष मलिक मुख्य वन संरक्षक प्रशासन, गंभीर सिंह मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल, परमजीत सिंह मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, मनोज चंद्रन अपर सचिव वन एवं पर्यावरण और सुरेंद्र मेहरा वन संरक्षक को सदस्य बनाया गया है।
विस्थापन की प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी। इस दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि किसी स्तर पर कोई चूक न होने पाए। इसको लेकर सभी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया गया है।
-डा.आरबीएस रावत, प्रमुख वन संरक्षक
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