देशभक्ति से लबरेज 276 जांबाज थल सेना में शामिल, ली देश सेवा की शपथ
- कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने ली परेड की सलामी
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कदम कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा... जैसी देशभक्ति स्वर लहरियों के बीच देश की आन-बान और शान को कायम रखने की शपथ लेते हुए कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के 276 जांबाज विधिवत थल सेना के अंग बन गए। शानदार परेड के बीच धर्मगुरुओं ने रिक्रूटों को शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने परेड की सलामी ली।
केआरसी के सोमनाथ मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के गवाह रिक्रूटों के परिजन भी बने। 34 हफ्ते की कड़ी ट्रेनिंग के बाद कसम परेड में जवानों ने शानदार मार्चपास्ट किया और अतिथियों को सलामी दी। धर्म गुरु पंडित सूबेदार मेजर दिनेश चंद्र जोशी ने राष्ट्र ध्वज, गीता और अन्य धर्मग्रंथों को साक्षी रखकर जवानों को शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि कमांडेंट जीएस राठौर ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। कार्यक्रम में जीएसओ-1 प्रशिक्षण ले. कर्नल गौरव किचलू, मेजर कार्तिक थापा, टीबीसी कर्नल कमल किशोर मिश्रा, मेजर सजल गुप्ता, सूबेदार मेजर गोपी चंद, सूबेदार तारा सिंह सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
कमांडेंट बोले देश सेवा, सबसे बड़ी सेवा
नव प्रशिक्षित जवानों को संबोधित करते हुए केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने कहा कि देश सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। जवानों ने सेना में आने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि देश की आन, बान और शान के लिए सर्वोच्च भी बलिदान करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए।
परिजनों को भी प्रदान किए गौरव पदक
शपथ ग्रहण समारोह के बाद कमांडेंट ब्रिगेडियर नव प्रशिक्षित जवानों के परिजनों से मिले। उन्होंने कहा कि देश सेवा के उद्देश्य से अपने बच्चों को सेना में भेजकर परिजनों ने साहसिक निर्णय लिया है। उन्होंने परिजनों को भी देश का गौरव बताया। परिजनों को भी गौरव पदक से सम्मानित किया गया।
अव्वल रहे 12 रिक्रूटों को किया सम्मानित
प्रशिक्षण के दौरान अव्वल रहने वाले 12 रिक्रूटों को कमांडेंट ब्रिगेडियर जीएस राठौर ने सम्मानित किया। 34 हफ्ते की ट्रेनिंग में इन रिक्रूटों ने फायरिंग, ड्रिल, बीपीटी सहित तमाम गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन किया था। इधर, बच्चों को देश सेवा की शपथ लेता देख परिजनों की आंखें खुशी से छलक आईं।
138 कुमाऊंनी जांबाजों ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में सबसे अधिक 138 कुमाऊंनी जांबाजों ने शपथ ली। इसके बाद 100 अहीर, दो नागा, छह गोरखा, 19 राजपूत, पांच जाट और छह ट्रेडमैन कास्ट के जांबाज शामिल रहे।