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Dehradun News: शिकारी कीट टाइगर बीटल की 26 प्रजातियां मिलीं

Tue, 22 Sep 2026 01:22 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:22 AM IST
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26 species of the predatory tiger beetle found.
देहरादून। रामगंगा कैचमेंट एरिया में शिकारी कीटभक्षी टाइगर बीटल की 26 प्रजातियां मिली है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह संबंधित क्षेत्र में बेहतर जैवविविधता होने का संकेत है।
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भारतीय वन्यजीव संस्थान में फील्ड गाइड आफ टाइगर बीटल्स और द रामगंगा कैचमेंट का विमोचन हुआ। इस अध्ययन से जुड़े व संस्थान के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. वीपी उनियाल ने बताया कि टाइगर बीटल्स एक कीटभक्षी है, यह दूसरे कीटों का खाता है। यह बहुत तेजी से दूसरे कीट पर हमला करता है। टाइगर बीटल्स का किसी भी क्षेत्र में मिलना उस क्षेत्र में समृद्ध जैवविविधता और कम प्रदूषण होने को दर्शाता है। अध्ययन में उत्तराखंड और यूपी में रामगंगा नदी के पूरे कैचमेंट क्षेत्र को शामिल किया गया। यहां पर टाइगर बीटल की 26 प्रजातियां मिली है। ऐसे यह स्थान अभी बेहतर स्थिति में है। इस अध्ययन और किताब लेखन में विनीता संगेला, प्रो. डेविड, प्रो. संदीप गुप्ता शामिल रहे।
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कलाउडेड लेपर्ड: अब अरुणाचल, नागालैंड त्रिपुरा में होगा अध्ययन
अभी पांच राज्यों में 44 कलाउडेड लेपर्ड की उपस्थिति मिली है
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। भारतीय वन्यजीव संस्थान के अध्ययन में नार्थ ईस्ट के पांच राज्यों में 44 कलाउडेड लेपर्ड की उपस्थिति का पता चला है। अब संस्थान अरुणाचल, नागालैंड, त्रिपुरा में अध्ययन करने की तैयारी कर रहा है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान कलाउडेड लेपर्ड(शरीर पर बादलों जैसे अनोखे निशानों के कारण यह नाम मिला है) को लेकर मिजोरम, पश्चिम बंगाल, असम, सिक्किम और मेघालय में अध्ययन कर रहा है। इस अध्ययन से जुड़े शोधार्थी त्रिभुवन बताते हैं कि यहां पर पांच राज्यों की आठ साइट पर अध्ययन किया गया है, यहां पर 44 कलाउडेड लेपर्ड उपस्थिति का पता चला है, यहां पर वन्यजीव के फोटोग्राफिक साक्ष्य मिले हैं। आने वाले दिनों में तीन राज्यों और जिन पांच राज्यों में अध्ययन हुआ है, वहां पर नई साइट पर अध्ययन किया जाएगा। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक बिलाल हबीब बताते हैं कि अगले वर्ष जैसे बाघों का आकलन प्रस्तुत किया जाता है, जिससे उनकी संख्या का पता चलता है उसकी तरह देश में कलाउडेड लेपर्ड की संख्या को बताया जा सकेगा।
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