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Dehradun News: नदियों में खनन से 240 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद
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- पिछले साल की तुलना में नदियों में 14 लाख घनमीटर की अधिक खनिज निकासी होगी
- वन निगम गौला, कोसी, दाबका, नंधौर, शारदा और स्वरना, सौंग, जाखन, कोटावली, रवासन नदियों में खनन कराता है
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य में इस खनन सत्र में 14 लाख घन मीटर अधिक खनिज निकासी होने की संभावना है। इससे पिछले खनन सत्र की तुलना में 44 करोड़ अधिक राजस्व मिल सकता है।
राज्य में वन निगम गौला, कोसी, दाबका, नंधौर, शारदा और स्वरना, सौंग, जाखन, कोटावली, रवासन नदियों में खनन कराता है। इसमें सबसे बड़ा खनन कार्य गौला नदी में होता है। पिछले खनन सत्र में गौला में 38 लाख घनमीटर खनिज निकासी का लक्ष्य था, जो इस बार बढ़कर 43.65 लाख हो गया है। इसी तरह नंधौर नदी में 6.22 लाख घनमीटर का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि पिछले साल पांच लाख घनमीटर था। इसके अलावा सौंग-एक और सौंग- दो नदियों में भी इस बार पूरी तय मात्रा में खनिज निकाले जाने की तैयारी की गई।
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राज्य में 78 लाख घनमीटर खनिज निकासी
देहरादून। अगर कोई तकनीक समस्या नहीं आई तो वन निगम के अधीन नदियों में 78 लाख घनमीटर खनिज निकासी का लक्ष्य है। जबकि पिछले साल यह लक्ष्य 64 लाख घनमीटर था। पिछले साल खनिज निकासी से विभागों को 196 करोड़ का राजस्व मिला था, जबकि इस बार 240 करोड़ मिलने की संभावना है। इस संबंध में वन निगम के आरएम मुख्यालय महेश आर्य कहते हैं कि इस बार नदियों खनिज निकासी के लिए अध्ययन कराया जाता है, उसके आधार पर मात्रा तय होती है। इस बार नदियों में अधिक खनिज निकासी का लक्ष्य है। इससे पिछले खनन सत्र की तुलना में 44 करोड़ अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। अभी तक आधा लक्ष्य प्राप्त भी हो चुका है।
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- वन निगम गौला, कोसी, दाबका, नंधौर, शारदा और स्वरना, सौंग, जाखन, कोटावली, रवासन नदियों में खनन कराता है
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य में इस खनन सत्र में 14 लाख घन मीटर अधिक खनिज निकासी होने की संभावना है। इससे पिछले खनन सत्र की तुलना में 44 करोड़ अधिक राजस्व मिल सकता है।
राज्य में वन निगम गौला, कोसी, दाबका, नंधौर, शारदा और स्वरना, सौंग, जाखन, कोटावली, रवासन नदियों में खनन कराता है। इसमें सबसे बड़ा खनन कार्य गौला नदी में होता है। पिछले खनन सत्र में गौला में 38 लाख घनमीटर खनिज निकासी का लक्ष्य था, जो इस बार बढ़कर 43.65 लाख हो गया है। इसी तरह नंधौर नदी में 6.22 लाख घनमीटर का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि पिछले साल पांच लाख घनमीटर था। इसके अलावा सौंग-एक और सौंग- दो नदियों में भी इस बार पूरी तय मात्रा में खनिज निकाले जाने की तैयारी की गई।
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राज्य में 78 लाख घनमीटर खनिज निकासी
देहरादून। अगर कोई तकनीक समस्या नहीं आई तो वन निगम के अधीन नदियों में 78 लाख घनमीटर खनिज निकासी का लक्ष्य है। जबकि पिछले साल यह लक्ष्य 64 लाख घनमीटर था। पिछले साल खनिज निकासी से विभागों को 196 करोड़ का राजस्व मिला था, जबकि इस बार 240 करोड़ मिलने की संभावना है। इस संबंध में वन निगम के आरएम मुख्यालय महेश आर्य कहते हैं कि इस बार नदियों खनिज निकासी के लिए अध्ययन कराया जाता है, उसके आधार पर मात्रा तय होती है। इस बार नदियों में अधिक खनिज निकासी का लक्ष्य है। इससे पिछले खनन सत्र की तुलना में 44 करोड़ अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। अभी तक आधा लक्ष्य प्राप्त भी हो चुका है।
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