फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   24 type salt available in uttarakhand

यहां मिलता है 24 तरह का नमक, स्वाद ऐसा कि दूर-दूर से खींचे चले आते हैं लोग

Thu, 25 Oct 2018 08:22 AM IST
आनंद खाती, अमर उजाला, गरमपानी (नैनीताल)
आनंद खाती, अमर उजाला, गरमपानी (नैनीताल) Updated Thu, 25 Oct 2018 08:22 AM IST
विज्ञापन
24 type salt available in uttarakhand
देशी ही नहीं विदेशियों को भा रहा पिसी नूण

पहाड़ में अपने हुनर का अच्छा उपयोग करके यहां के स्थानीय उत्पादों से नमक बनाकर देश ही नहीं, विदेशों में भी काकड़ीघाट का ‘पिसी नूण’ (सिलबट्टे का पिसा हुआ नमक) मांग हो गई है।

विज्ञापन


काकड़ीघाट के पर्यटक सूचना केंद्र के भवन को किराए पर लेकर दस दिसंबर 2012 से इसकी शुरुआत करने वाली दीपा खनायत निवासी नौगांव (अल्मोड़ा) बताती हैं कि शुरू में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।
विज्ञापन


दो साल तक पहाड़ी नूण (पिसी नूण) बनाने के लिए मसाले आदि गांवों में जाकर खरीदने पड़ते थे। इसके बाद नमक की पिसाई के साथ ही अन्य दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। लेकिन, हिम्मत नहीं हारी और काम जारी रखा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

इस पिसी नूण की है मांग 

पिसी नूण बनाने के काम में आज यहां छह महिलाओं को भी रोजगार मिला हुआ है। पिसी नूण की बढ़ती मांग पर अब यहां 24 प्रकार के स्वाद का नमक महिलाएं तैयार कर रहीं हैं।

इसे खरीदने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों की भी भीड़ रहती है। गर्मी में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक भी सड़क किनारे रुककर पिसी नूण ले जाते हैं। 

पिसी नूण बनाने के लिए काली मिर्च, लाल मिर्च, जीरा, अदरक, लहसुन, हींग, जीरा, तिल, भंगीरा, हरा धनिया, भूनी मिर्च, काला जीरा, अलसी, दैण, मिक्स मसाले का बारी-बारी से नमक पिसकर रोजाना पांच किलो नमक सिलबट्टे पर तैयार कर उसके छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर इसकी पैकिंग की जाती है। 

इन शहरों में जा रहा है नमक

दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, पिथौरागढ़ सहित अन्य शहरों में भेजने के साथ अब इसकी मांग विदेशों में बढ़ने लगी है। सैलानी एक साथ आधा या एक किलो पिसा हुआ नमक ले जाते हैं। 

अब पहाड़ी दाल के साथ मिलेगा मडुवे का आटा

दीपा खनायत ने बताया कि यहां पर काम सीख कर गए कई लोगों ने अपने शहरों में स्टॉल लगाए हैं। इस साल से हमारे केंद्र में पहाड़ी दालों के साथ मडुवे का आटा भी मिल सकेगा। बताया कि पिसी नूण के चलते ग्रामीण अब अधिक मसाले की खेती करने लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed