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Dehradun News: संविधान दिवस पर 22 समाज सेवकों को किया सम्मानित
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II- नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस की ओर से हुआ कार्यक्रम
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I- समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 22 समाज सेवकों को भी सम्मानित किया गया
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नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस की ओर से रविवार को संविधान दिवस पर उत्तराखंड प्रेस क्लब में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 22 समाज सेवकों को भी सम्मानित किया गया।
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Iमुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एडवोकेट महमूद प्राचा, विशिष्ट अतिथि पूर्व रजिस्टार उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल जस्टिस कांता प्रसाद, पूर्व आईएएस एवं पूर्व चुनाव आयुक्त उत्तराखंड सुर्वदवन शाह, एडवोकेट दिल्ली हाईकोर्ट दयाराम बादलिया मौजूद रहे।
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Iसमारोह की अध्यक्षता करते हुए नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस के राष्ट्रीय चेयरमैन नानक चंद ने कहा कि भारत में भाईचारा व राष्ट्र उन्नति के लिए आंबेडकर की ओर से लिखित संविधान को सही तरह से लागू करने की आवश्यकता है। भारतीय संविधान में अस्पृश्यता समाप्ति को प्रमुखता से दर्शाया गया है, लेकिन आज तक भारत में अस्पृश्यता बरती जा रही है।
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Iअनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और आदिवासियों को जातिगत आधार पर उत्पीड़ित किया जा रहा है। इनकी जो भी थोड़ी-बहुत जमीन है उस पर भी कब्जा कर छीना जा रहा है। सरकारी नौकरियों में कभी भी आरक्षित कोटे को सही तरह से लागू नहीं किया गया। पदोन्नति में भी आरक्षण समाप्त कर दिया गया है। सभी सरकारी संस्थाओं का निजीकरण कर दिया गया है। 2024 का आम चुनाव सामाजिक न्याय पर होना चाहिए।
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Iइनका हुआ सम्मान
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Iसंत राम, नाट्य भूषण लक्ष्मी नारायण, जब्बर सिंह वर्मा, देवेंद्र सिंह, राव नसीम अहमद, गोपाल दादर, डॉ. एमएस अंसारी, सुरेश चंद बिरला, सुशीला चौधरी, राव सलीम अहमद, सुनीता धारिया, श्याम लाल नाथ, फरीद अहमद, मांगे राम, सुरेंद्र पाल, डॉ. शिफाअत अली अंसारी, जितेंद्र सिंह बुटोइया, आत्मा राम, इंदर सिंह, यशपाल आर्य, विलियम एस सिंह और पूरन लाल को सम्मानित किया गया।I
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II- नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस की ओर से हुआ कार्यक्रम
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I- समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 22 समाज सेवकों को भी सम्मानित किया गया
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नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस की ओर से रविवार को संविधान दिवस पर उत्तराखंड प्रेस क्लब में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 22 समाज सेवकों को भी सम्मानित किया गया।
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Iमुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एडवोकेट महमूद प्राचा, विशिष्ट अतिथि पूर्व रजिस्टार उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल जस्टिस कांता प्रसाद, पूर्व आईएएस एवं पूर्व चुनाव आयुक्त उत्तराखंड सुर्वदवन शाह, एडवोकेट दिल्ली हाईकोर्ट दयाराम बादलिया मौजूद रहे।
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Iसमारोह की अध्यक्षता करते हुए नेशनल एक्सन फोरम फॉर सोशल जस्टिस के राष्ट्रीय चेयरमैन नानक चंद ने कहा कि भारत में भाईचारा व राष्ट्र उन्नति के लिए आंबेडकर की ओर से लिखित संविधान को सही तरह से लागू करने की आवश्यकता है। भारतीय संविधान में अस्पृश्यता समाप्ति को प्रमुखता से दर्शाया गया है, लेकिन आज तक भारत में अस्पृश्यता बरती जा रही है।
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Iअनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और आदिवासियों को जातिगत आधार पर उत्पीड़ित किया जा रहा है। इनकी जो भी थोड़ी-बहुत जमीन है उस पर भी कब्जा कर छीना जा रहा है। सरकारी नौकरियों में कभी भी आरक्षित कोटे को सही तरह से लागू नहीं किया गया। पदोन्नति में भी आरक्षण समाप्त कर दिया गया है। सभी सरकारी संस्थाओं का निजीकरण कर दिया गया है। 2024 का आम चुनाव सामाजिक न्याय पर होना चाहिए।
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Iइनका हुआ सम्मान
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Iसंत राम, नाट्य भूषण लक्ष्मी नारायण, जब्बर सिंह वर्मा, देवेंद्र सिंह, राव नसीम अहमद, गोपाल दादर, डॉ. एमएस अंसारी, सुरेश चंद बिरला, सुशीला चौधरी, राव सलीम अहमद, सुनीता धारिया, श्याम लाल नाथ, फरीद अहमद, मांगे राम, सुरेंद्र पाल, डॉ. शिफाअत अली अंसारी, जितेंद्र सिंह बुटोइया, आत्मा राम, इंदर सिंह, यशपाल आर्य, विलियम एस सिंह और पूरन लाल को सम्मानित किया गया।I