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70 लाख---compat
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:29 PM IST
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रतनमणी डोभाल
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार ने अर्द्धकुंभ मेला योजना में 24 कमरों के राज्य अतिथिगृह का निर्माण 17 करोड़ रुपये में कराया है। इसके विपरीत अब हरिद्वार में ही उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से 100 कमरों का राज्य अतिथिगृह (होटल) का निर्माण लागत लगभग 25 करोड़ रुपये ही आंकी गई है। इसका मतलब साफ है कि यूपी का एक कमरा 25 लाख रुपये में तैयार होगा। जबकि उत्तराखंड ने एक कमरा 70 लाख रुपये बनाया है।
उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव राकेश शर्मा का राज्य अतिथिगृह का निर्माण ड्रीम प्रोजेक्ट था। 2015 में डीपीआर तैयार कर उन्होंने अर्द्धकुंभ मेला कार्ययोजना में सम्मिलित कराया था। गुजरे तीन साल में निर्माण सामग्री की दरों में बेहताशा बढ़ोतरी होने के बाद भी यूपी निर्माण निगम 25 लाख रुपये में कमरा बनाकर दे रहा है, जबकि उत्तराखंड ने एक कमरे के निर्माण पर 70 लाख खर्च किए। यूपी की डीपीआर के सामने आने के बाद उत्तराखंड के निर्माण ने लोगों की आंखें खोल दी हैं। इस संबंध में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि आखिर दोनों राज्यों के अतिथिगृह के एक कमरा बनाने के बजट में इतना अंतर क्यों और कैसे है।
इनसेट
दो साल में तैयार हो जाएगा होटल
उत्तर प्रदेश शासन ने हरिद्वार में अलकनंदा होटल के साथ ही पर्यटन विकास विभाग के 100 कमरों के होटल की यूपी निर्माण निगम की ओर से तैयार डीपीआर को हरी झंडी दे दी हैं। इसके निर्माण में 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। दो साल के अंदर होटल तैयार हो जाएगा। हालांकि अब तक उत्तराखंड सरकार से एनओसी नहीं मिली है। एनजीटी, सिंचाई विभाग तथा एचआरडीए की एनओसी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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- सुभाष अग्रवाल नोडल अधिकारी एवं महाप्रबंधक अलकनंदा होटल
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार ने अर्द्धकुंभ मेला योजना में 24 कमरों के राज्य अतिथिगृह का निर्माण 17 करोड़ रुपये में कराया है। इसके विपरीत अब हरिद्वार में ही उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से 100 कमरों का राज्य अतिथिगृह (होटल) का निर्माण लागत लगभग 25 करोड़ रुपये ही आंकी गई है। इसका मतलब साफ है कि यूपी का एक कमरा 25 लाख रुपये में तैयार होगा। जबकि उत्तराखंड ने एक कमरा 70 लाख रुपये बनाया है।
उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव राकेश शर्मा का राज्य अतिथिगृह का निर्माण ड्रीम प्रोजेक्ट था। 2015 में डीपीआर तैयार कर उन्होंने अर्द्धकुंभ मेला कार्ययोजना में सम्मिलित कराया था। गुजरे तीन साल में निर्माण सामग्री की दरों में बेहताशा बढ़ोतरी होने के बाद भी यूपी निर्माण निगम 25 लाख रुपये में कमरा बनाकर दे रहा है, जबकि उत्तराखंड ने एक कमरे के निर्माण पर 70 लाख खर्च किए। यूपी की डीपीआर के सामने आने के बाद उत्तराखंड के निर्माण ने लोगों की आंखें खोल दी हैं। इस संबंध में पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा। पता लगाया जाएगा कि आखिर दोनों राज्यों के अतिथिगृह के एक कमरा बनाने के बजट में इतना अंतर क्यों और कैसे है।
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दो साल में तैयार हो जाएगा होटल
उत्तर प्रदेश शासन ने हरिद्वार में अलकनंदा होटल के साथ ही पर्यटन विकास विभाग के 100 कमरों के होटल की यूपी निर्माण निगम की ओर से तैयार डीपीआर को हरी झंडी दे दी हैं। इसके निर्माण में 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। दो साल के अंदर होटल तैयार हो जाएगा। हालांकि अब तक उत्तराखंड सरकार से एनओसी नहीं मिली है। एनजीटी, सिंचाई विभाग तथा एचआरडीए की एनओसी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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- सुभाष अग्रवाल नोडल अधिकारी एवं महाप्रबंधक अलकनंदा होटल