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23 से 25 नवंबर के बीच दून में होगा वीओडब्ल्यू इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल
Updated Wed, 31 Jan 2018 02:08 AM IST
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23 से 25 नवंबर के बीच दून में होगा
दूसरा वीओडब्ल्यू इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फेस्टिवल के 2018 संस्करण का किया विमोचन
इस साल पहाड़ से पलायन, युद्ध एवं शांति, भारत और पड़ोसी देश पर फोकस होगा महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
शिवालिक हिल्स फाउंडेशन की ओर से इस साल 23 से 25 नवंबर 2018 के बीच दूसरे वैली ऑफ वर्ड्स इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फेस्टिवल के 2018 संस्करण का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने फेस्टिवल में उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं की भाषा-बोली को भी प्रमुखता देने की सलाह भी दी। इस साल फेस्टिवल में पहाड़ से पलायन, युद्ध और शांति, भारत और पड़ोसी मुल्क के विषय मुख्य आकर्षण रहेंगे।
बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दून में होने वाले इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल के विमोचन के मौके पर कहा कि पहाड़ से पलायन प्रमुख मुद्दा है, जिसे फेस्टिवल में फोकस करना अच्छा प्रयास है। इसके लिए हमें ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत बनाने के रास्ते तलाशने की जरूरत है। उन्होंने फेस्टिवल में हिंदी लेखन, कविता और कविता पाठ को तवज्जो देने पर आयोजकों की प्रशंसा भी की। इसके लिए उन्होंने वीओडब्ल्यू की टीम को स्कूलों तक जाने और युवाओं को साथ जोड़ने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात का स्वीकार करते हैं कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासतों से निश्चित तौर पर दुनिया में एक शक्ति बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने जांबाज सैनिकों से काफी कुछ सीख सकते हैं। हमें युवाओं तक सेना की रणनीतियां, युद्ध, जीत के इतिहास को पहुंचाना होगा। मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फेस्टिवल में न केवल हिंदी बल्कि गढ़वाल और कुमाऊं की बोली-भाषा को भी तवज्जो देने की जरूरत है। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय, प्रसिद्ध लेखक एवं स्तंभकार एलएस बाजपेई, दिल्ली सरकार के गृह मनोज पी, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के मिलन माहेश्वरी, ब्लू स्टार इंडिया के कपिल महरोत्रा, सचिव ममता किरन, आशाली वर्मा और कुलिन गुप्ता मौजूद रहे। ओएनजीसी के निदेशक एचआर डीडी मिश्रा ने इस तरह के कार्यक्रमों को प्रोत्साहन देने पर केंद्रीय मंत्री प्रधान का आभार जताया। इंटीग्रेटिड माउंटेन इनिशिएटिव के चीफ सुशील रमोला और डेवलपमेंट प्रोफेशनल कृष्ण रौतेला ने हिमालयन इकोलॉजी और पर्यावरण पर अपने विचार व्यक्त किए। अमर उजाला इस इंटरनेशनल फेस्टिवल का मीडिया पार्टनर है।
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इस बार मिलेंगे अवार्ड
वैली ऑफ वर्ड्स इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल में इस साल फिक्शन और नोन फिक्शन लेखन पर अवार्ड भी दिए जाएंगे। यह लेखन हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हो सकता है। इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। युवा लेखक अपनी प्रतिभा दिखाकर अवार्ड जीत सकते हैं।
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दूसरा वीओडब्ल्यू इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फेस्टिवल के 2018 संस्करण का किया विमोचन
इस साल पहाड़ से पलायन, युद्ध एवं शांति, भारत और पड़ोसी देश पर फोकस होगा महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
शिवालिक हिल्स फाउंडेशन की ओर से इस साल 23 से 25 नवंबर 2018 के बीच दूसरे वैली ऑफ वर्ड्स इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फेस्टिवल के 2018 संस्करण का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने फेस्टिवल में उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं की भाषा-बोली को भी प्रमुखता देने की सलाह भी दी। इस साल फेस्टिवल में पहाड़ से पलायन, युद्ध और शांति, भारत और पड़ोसी मुल्क के विषय मुख्य आकर्षण रहेंगे।
बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दून में होने वाले इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल के विमोचन के मौके पर कहा कि पहाड़ से पलायन प्रमुख मुद्दा है, जिसे फेस्टिवल में फोकस करना अच्छा प्रयास है। इसके लिए हमें ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत बनाने के रास्ते तलाशने की जरूरत है। उन्होंने फेस्टिवल में हिंदी लेखन, कविता और कविता पाठ को तवज्जो देने पर आयोजकों की प्रशंसा भी की। इसके लिए उन्होंने वीओडब्ल्यू की टीम को स्कूलों तक जाने और युवाओं को साथ जोड़ने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात का स्वीकार करते हैं कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासतों से निश्चित तौर पर दुनिया में एक शक्ति बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने जांबाज सैनिकों से काफी कुछ सीख सकते हैं। हमें युवाओं तक सेना की रणनीतियां, युद्ध, जीत के इतिहास को पहुंचाना होगा। मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फेस्टिवल में न केवल हिंदी बल्कि गढ़वाल और कुमाऊं की बोली-भाषा को भी तवज्जो देने की जरूरत है। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय, प्रसिद्ध लेखक एवं स्तंभकार एलएस बाजपेई, दिल्ली सरकार के गृह मनोज पी, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के मिलन माहेश्वरी, ब्लू स्टार इंडिया के कपिल महरोत्रा, सचिव ममता किरन, आशाली वर्मा और कुलिन गुप्ता मौजूद रहे। ओएनजीसी के निदेशक एचआर डीडी मिश्रा ने इस तरह के कार्यक्रमों को प्रोत्साहन देने पर केंद्रीय मंत्री प्रधान का आभार जताया। इंटीग्रेटिड माउंटेन इनिशिएटिव के चीफ सुशील रमोला और डेवलपमेंट प्रोफेशनल कृष्ण रौतेला ने हिमालयन इकोलॉजी और पर्यावरण पर अपने विचार व्यक्त किए। अमर उजाला इस इंटरनेशनल फेस्टिवल का मीडिया पार्टनर है।
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इस बार मिलेंगे अवार्ड
वैली ऑफ वर्ड्स इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल में इस साल फिक्शन और नोन फिक्शन लेखन पर अवार्ड भी दिए जाएंगे। यह लेखन हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हो सकता है। इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है। युवा लेखक अपनी प्रतिभा दिखाकर अवार्ड जीत सकते हैं।
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