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देशभर में बनेंगे बाल सेवाकुलम
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:23 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ निर्धन और असहाय बच्चों के लिए बाल सेवाकुलम खोलने जा रही है। अब तक देश में तीन और नेपाल में एक बालकुलम खोले जा चुके हैं। इन शिक्षण संस्थानों में बच्चों को तब तक रखा जाएगा और जब तक कि वे आत्मनिर्भर न बन जाते। एक सेवाकुलम में आपदा में पीड़ित तमाम बच्चों की सेवा का कार्य शुरू हो चुका है।
गौरतलब है कि पतंजलि योगपीठ आचार्यकुलम के माध्यम से देशभर में आधुनिक और भारतीय शिक्षा, योग एवं प्राणायाम के साथ प्रदान कर रही है। आचार्यकुलम के प्रकल्प भी बिल्कुल अनूठे हैं। यहां बच्चों के जहां अति प्राचीन भारतीय ज्ञान से अवगत कराया जा रहा वहीं उन्हें वे नए जमाने के साथ तैयार किया जा रहा है।
इसके विपरीत बाल सेवाकुलम के पीछे असहाय बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की सोच है। चार वर्ष पूर्व केदारनाथ में आई भीषण आपदा के दौरान सैकड़ों बच्चे अनाथ हो गए थे। इन बच्चों को पतंजलि योगपीठ ने गोद लिया और रुद्रप्रयाग में एक भवन खरीदकर उनके रहने खाने का इंतजाम किया गया। अब यह विद्यालय का रूप ले चुका है। हाल ही में देवप्रयाग में पतंजलि का अपना बाल सेवाकुलम तैयार हो चुका है, जिसमें बच्चों को आचार्यकुलम की भांति तमाम शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार के दो सेवाकुलम गुवाहाटी में खोले गए हैं। एक सेवाकुलम की स्थापना नेपाल की राजधानी काठमांडू में की गई है। नेपाल के दुर्गम क्षेत्रों में असहाय बच्चों के लिए ऐसेे संस्थान खोले जा रहे हैं।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि बाबा रामदेव की योजना उन पीड़ित क्षेत्रों में सेवाप्रकल्प चलाने की हैं जो अभी भी निराशा का जीवन जी रहे हैं। आने वाले दिनों में ऐसे स्थानों का चयन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से भी कुछ प्रकल्प निर्धन और असहाय बच्चों के लिए विभिन्न राज्यों में शुरू कर दिए गए हैं। 2020 तक देश के बड़े भूभाग में असहाय बच्चों को न केवल आश्रय मिल जाएगा, बल्कि उनके रोजगार के प्रबंध होने तक पतंजलि योगपीठ उन्हें दत्तक बनाए रखेगी।
हरिद्वार।
योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ निर्धन और असहाय बच्चों के लिए बाल सेवाकुलम खोलने जा रही है। अब तक देश में तीन और नेपाल में एक बालकुलम खोले जा चुके हैं। इन शिक्षण संस्थानों में बच्चों को तब तक रखा जाएगा और जब तक कि वे आत्मनिर्भर न बन जाते। एक सेवाकुलम में आपदा में पीड़ित तमाम बच्चों की सेवा का कार्य शुरू हो चुका है।
गौरतलब है कि पतंजलि योगपीठ आचार्यकुलम के माध्यम से देशभर में आधुनिक और भारतीय शिक्षा, योग एवं प्राणायाम के साथ प्रदान कर रही है। आचार्यकुलम के प्रकल्प भी बिल्कुल अनूठे हैं। यहां बच्चों के जहां अति प्राचीन भारतीय ज्ञान से अवगत कराया जा रहा वहीं उन्हें वे नए जमाने के साथ तैयार किया जा रहा है।
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इसके विपरीत बाल सेवाकुलम के पीछे असहाय बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की सोच है। चार वर्ष पूर्व केदारनाथ में आई भीषण आपदा के दौरान सैकड़ों बच्चे अनाथ हो गए थे। इन बच्चों को पतंजलि योगपीठ ने गोद लिया और रुद्रप्रयाग में एक भवन खरीदकर उनके रहने खाने का इंतजाम किया गया। अब यह विद्यालय का रूप ले चुका है। हाल ही में देवप्रयाग में पतंजलि का अपना बाल सेवाकुलम तैयार हो चुका है, जिसमें बच्चों को आचार्यकुलम की भांति तमाम शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार के दो सेवाकुलम गुवाहाटी में खोले गए हैं। एक सेवाकुलम की स्थापना नेपाल की राजधानी काठमांडू में की गई है। नेपाल के दुर्गम क्षेत्रों में असहाय बच्चों के लिए ऐसेे संस्थान खोले जा रहे हैं।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि बाबा रामदेव की योजना उन पीड़ित क्षेत्रों में सेवाप्रकल्प चलाने की हैं जो अभी भी निराशा का जीवन जी रहे हैं। आने वाले दिनों में ऐसे स्थानों का चयन कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से भी कुछ प्रकल्प निर्धन और असहाय बच्चों के लिए विभिन्न राज्यों में शुरू कर दिए गए हैं। 2020 तक देश के बड़े भूभाग में असहाय बच्चों को न केवल आश्रय मिल जाएगा, बल्कि उनके रोजगार के प्रबंध होने तक पतंजलि योगपीठ उन्हें दत्तक बनाए रखेगी।