उत्तराखंडः पारा 41 के पार, मई में सबसे गर्म रहा मंगलवार, अभी और सताएगी गर्मी
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उत्तराखंड में कुमाऊं के तराई-भाबर (हल्द्वानी) का तापमान मंगलवार को रिकॉर्ड 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मंगलवार मई में अब तक सर्वाधिक गर्म दिन रहा। मंगलवार को यहां का तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वर्ष 2010 में 21 मई को पारा 41.2 तक पहुंचा था, जबकि अन्य वर्षों में पारा इतना नहीं रहा। उधर, पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय सहित विभिन्न हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई। मुनस्यारी के नाचनी क्षेत्र में बारिश हुई। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश होने से घाटी वाले क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है।
पारे का हाल अधिकतम तापमान
21 मई 20 मई
हल्द्वानी 41.6 40
नैनीताल 25 24
मुक्तेश्वर 26 24.2
मौसम पूर्वानुमान
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि 25 मई तक अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। वहीं, 26 से 30 मई तक मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। 26 मई से वनों पर विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी गई है।
आज छायेंगे हल्के बादल
राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के अन्य कई हिस्सों में आज हल्के बादल छाये रह सकते हैं। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में बेहद हल्की बारिश भी हो सकती है। अगले एक हफ्ते अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है।
जंगल की आग बढ़ने की आशंका
जंगल की आग बेकाबू हो रही है। आगे तापमान बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने भी 26 मई के बाद जंगल की आग को लेकर अनुकूल स्थिति होने की उम्मीद जताई है। इसके मद्देनजर वन संरक्षक डॉ. तेजस्विनी पाटिल ने वनकर्मियों को और सचेत रहने को कहा गया है। वहीं, 24 घंटे के अंदर कुमाऊं के जंगल में 40 घटनाएं हुईं। इसमें पीपलपड़ाव, हैड़ाखान क्षेत्र, जौलासाल, डांडा, द्वाराहाट, जौरासी आदि जगहों पर लगी आग में 79 हेक्टेयर जंगल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि वनाधिकारियों का दावा है कि कई जंगल की आग में केवल घास, झाड़ी जली है, वृक्षों की संख्या कम है। कुमाऊं में 575 आग लगने की घटना हो चुकी है, जिसमें 796 हेक्टेयर जंगल में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।