{"_id":"5c1d4d43bdec225706705f00","slug":"201545424195-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आज की जरूरत : सेमवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आज की जरूरत : सेमवाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पंचायतीराज विभाग के निदेशक एचसी सेमवाल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आज की जरूरत है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायती राज ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट पालिसी बनाई है। इसी क्रम में इंडसइंड बैंक के सीएसआर के जरिये डोईवाला विकासखंड के भोगपुर कलस्टर के आठ ग्राम पंचायतों में इसकी शुरुआत कर दी गई है।
निदेशक एचसी सेमवाल शुक्रवार को कनक चौक स्थित एक होटल में पंचायतीराज विभाग की ओर से आयोजित प्रेरक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक मॉडल प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जाने का प्रयास है। इस दौरान पंचायतीराज विभाग के सहायक निदेशक मनोज तिवारी, वित्त नियंत्रक प्रतिमा पैन्यूली, पूर्व संयुक्त निदेशक द्वारिका प्रसाद देवराडी, इंडसइंड बैंक के कारपोरेट सर्विसेज एंड सीएसआर के प्रमुख अद्वैत, इंडसइंड बैंक के मैनेजर संदीप सेमवाल आदि ने विचार रखे। इस दौरान प्रदेश के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर बनी डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
विज्ञापन
पंचायतीराज विभाग के निदेशक एचसी सेमवाल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आज की जरूरत है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायती राज ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट पालिसी बनाई है। इसी क्रम में इंडसइंड बैंक के सीएसआर के जरिये डोईवाला विकासखंड के भोगपुर कलस्टर के आठ ग्राम पंचायतों में इसकी शुरुआत कर दी गई है।
निदेशक एचसी सेमवाल शुक्रवार को कनक चौक स्थित एक होटल में पंचायतीराज विभाग की ओर से आयोजित प्रेरक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक मॉडल प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जाने का प्रयास है। इस दौरान पंचायतीराज विभाग के सहायक निदेशक मनोज तिवारी, वित्त नियंत्रक प्रतिमा पैन्यूली, पूर्व संयुक्त निदेशक द्वारिका प्रसाद देवराडी, इंडसइंड बैंक के कारपोरेट सर्विसेज एंड सीएसआर के प्रमुख अद्वैत, इंडसइंड बैंक के मैनेजर संदीप सेमवाल आदि ने विचार रखे। इस दौरान प्रदेश के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर बनी डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
विज्ञापन