{"_id":"5c04429dbdec2241a64478f3","slug":"201543783069-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शोध केंद्र में खेती-बाड़ी के गुर सीख रहे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शोध केंद्र में खेती-बाड़ी के गुर सीख रहे छात्र
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के सेलाकुई स्थित शोध एवं प्रसार केंद्र में खेती-बाड़ी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 21 दिवसीय इस शिविर में उत्तरांचल पीजी कॉलेज ऑफ बॉयोमेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। विवि के कुलपति प्रो. राजेश मल्ला के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। छात्रों को पॉली हाउस में उच्च गुणवत्ता की शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, बंदगोभी, फूलगोभी के वैज्ञानिक उत्पादन के साथ ही गुलाब, जरबेरा, डहेलिया, एस्टर, स्वीट विलियम, पिटोनिया, पैंजी आदि फूलों के उत्पादन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में विवि की ओर से डॉ. जेएस धनाई, पारस पंवार, नीरज चतुर्वेदी, बाबूराम शर्मा प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विज्ञापन
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के सेलाकुई स्थित शोध एवं प्रसार केंद्र में खेती-बाड़ी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 21 दिवसीय इस शिविर में उत्तरांचल पीजी कॉलेज ऑफ बॉयोमेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल के छात्र हिस्सा ले रहे हैं। विवि के कुलपति प्रो. राजेश मल्ला के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। छात्रों को पॉली हाउस में उच्च गुणवत्ता की शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, बंदगोभी, फूलगोभी के वैज्ञानिक उत्पादन के साथ ही गुलाब, जरबेरा, डहेलिया, एस्टर, स्वीट विलियम, पिटोनिया, पैंजी आदि फूलों के उत्पादन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में विवि की ओर से डॉ. जेएस धनाई, पारस पंवार, नीरज चतुर्वेदी, बाबूराम शर्मा प्रशिक्षण दे रहे हैं।