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उतराखंड में भी हो सकेंगे पॉलीग्राफ टेस्ट
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:08 AM IST
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उत्तराखंड में भी हो सकेंगे पॉलीग्राफ टेस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अब उत्तराखंड पुलिस को अपराधियों के पॉलीग्राफ जांच के लिए कहीं भागना नहीं पड़ेगा। जल्द ही उत्तराखंड की फारेंसिक लैबोरेटरी को पॉलीग्राफ टेस्टिंग के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव (गृह) आनंदवर्द्धन ने डायरेक्टर एफएसएल को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रोजेक्ट के लिए भी उन्होंने प्रस्ताव मांगे हैं। प्रमुख सचिव ने लंबित जांचों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्द्धन बृहस्पतिवार को पंडितवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एफएसएल अधिकारियों को कई मामलों में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जांचों के कारण आपराधिक मुकदमों के फैसलों में देरी हो रही है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पॉलीग्राफ टेस्ट के सेटअप के लिए प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अभी तक पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ पुलिस की लैब या सीबीआई की लैब जाना पड़ता है। ऐसे में मामलों में देरी हो जाती है। यदि यह टेस्ट अपने राज्य में होगा तो न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके अलावा उन्होंने ऑडियो वीडियो जांच लैब, साइबर क्राइम से संबंधित विशेष लैब आदि के प्रस्ताव भी जल्द एफएसएल अधिकारियों से मांगे हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अब उत्तराखंड पुलिस को अपराधियों के पॉलीग्राफ जांच के लिए कहीं भागना नहीं पड़ेगा। जल्द ही उत्तराखंड की फारेंसिक लैबोरेटरी को पॉलीग्राफ टेस्टिंग के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव (गृह) आनंदवर्द्धन ने डायरेक्टर एफएसएल को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रोजेक्ट के लिए भी उन्होंने प्रस्ताव मांगे हैं। प्रमुख सचिव ने लंबित जांचों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्द्धन बृहस्पतिवार को पंडितवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एफएसएल अधिकारियों को कई मामलों में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जांचों के कारण आपराधिक मुकदमों के फैसलों में देरी हो रही है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पॉलीग्राफ टेस्ट के सेटअप के लिए प्रस्ताव जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अभी तक पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ पुलिस की लैब या सीबीआई की लैब जाना पड़ता है। ऐसे में मामलों में देरी हो जाती है। यदि यह टेस्ट अपने राज्य में होगा तो न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके अलावा उन्होंने ऑडियो वीडियो जांच लैब, साइबर क्राइम से संबंधित विशेष लैब आदि के प्रस्ताव भी जल्द एफएसएल अधिकारियों से मांगे हैं।
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