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वन्यजीवों की सुरक्षा करेंगे 40 गांवों के 200 स्वयंसेवी
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राजाजी टाइगर रिजर्व के वन्यजीव की सुरक्षा अब 40 गांवों के 200 स्वयंसेवी करेंगे। वन्यजीवों के ग्रामीण क्षेत्रों में दाखिल होने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं न हों इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से ग्राम स्वैच्छिक वन्यजीव सुरक्षा बल का गठन किया गया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि पहले चरण में 40 गांवों में पांच-पांच स्वयंसेवियों को तैनात किया गया है। ग्राम स्वैच्छिक वन्यजीव सुरक्षाबल में शामिल स्वयंसेवकों को वर्दी के साथ ही अन्य जरूरी उपकरण भी मुहैया करा दिए गए हैं। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया है। उन्हें इस बात की भी जानकारी दी गई है कि वे आबादी क्षेत्र में दाखिल होने वाले हाथी, बाघ और तेंदुओं को ग्रामीण इलाकों से टाइगर रिजर्व क्षेत्र की ओर सुरक्षित कैसे ले जाएं? ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं न हों।
निदेशक ने बताया कि ग्राम्य स्वैच्छिक वन्यजीव सुरक्षा बल में शामिल स्वयंसेवक वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की जानकारी मिलते ही तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगे। ताकि, अधिकारियों की अगुवाई मेें वनकर्मियों की टीमों को भी मौके पर भेजा जा सके।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि पहले चरण में 40 गांवों में पांच-पांच स्वयंसेवियों को तैनात किया गया है। ग्राम स्वैच्छिक वन्यजीव सुरक्षाबल में शामिल स्वयंसेवकों को वर्दी के साथ ही अन्य जरूरी उपकरण भी मुहैया करा दिए गए हैं। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया है। उन्हें इस बात की भी जानकारी दी गई है कि वे आबादी क्षेत्र में दाखिल होने वाले हाथी, बाघ और तेंदुओं को ग्रामीण इलाकों से टाइगर रिजर्व क्षेत्र की ओर सुरक्षित कैसे ले जाएं? ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं न हों।
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निदेशक ने बताया कि ग्राम्य स्वैच्छिक वन्यजीव सुरक्षा बल में शामिल स्वयंसेवक वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की जानकारी मिलते ही तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगे। ताकि, अधिकारियों की अगुवाई मेें वनकर्मियों की टीमों को भी मौके पर भेजा जा सके।
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