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पांच साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कैद
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पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष पोक्सो जज मीना देउपा की अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 40 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति पीड़िता को अदा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा नहीं करने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि घटना 14 जुलाई 2019 को रायवाला थाना क्षेत्र में हुई थी। पांच वर्षीय मासूम घर के बाहर खेल रही थी। थोड़ी देर बाद उसके पिता ने बच्ची की चीख सुनी। वह घर के बाहर आए तो देखा कि सन्नी थापा उर्फ सूरज थापा निवासी रायवाला बच्ची को छोड़कर भाग रहा था। बच्ची के पिता ने उसे आवाज लगाई। आरोपी नहीं रुका तो उन्होंने बच्ची को देखा तो उसकी जींस खून से सनी थी। उन्होंने देखा तो बच्ची से दुष्कर्म किया गया था। वह बेटी को उपचार के लिए महिला अस्पताल हरिद्वार लेकर गए। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे ऋषिकेश ऐम्स रेफर किया गया। बच्ची की दो सर्जरी हुईं, जिसके बाद उसकी जान बची। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना के दो दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। इसके अलावा दर्जनों लिखित साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस साल कठोर कारावास की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि घटना 14 जुलाई 2019 को रायवाला थाना क्षेत्र में हुई थी। पांच वर्षीय मासूम घर के बाहर खेल रही थी। थोड़ी देर बाद उसके पिता ने बच्ची की चीख सुनी। वह घर के बाहर आए तो देखा कि सन्नी थापा उर्फ सूरज थापा निवासी रायवाला बच्ची को छोड़कर भाग रहा था। बच्ची के पिता ने उसे आवाज लगाई। आरोपी नहीं रुका तो उन्होंने बच्ची को देखा तो उसकी जींस खून से सनी थी। उन्होंने देखा तो बच्ची से दुष्कर्म किया गया था। वह बेटी को उपचार के लिए महिला अस्पताल हरिद्वार लेकर गए। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे ऋषिकेश ऐम्स रेफर किया गया। बच्ची की दो सर्जरी हुईं, जिसके बाद उसकी जान बची। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घटना के दो दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। इसके अलावा दर्जनों लिखित साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस साल कठोर कारावास की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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