20 राउंड फायरिंग से दहली आईएएस अकादमी
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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को जिस वक्त घटना हुई, ठीक उस समय यहां फर्जी आईएएस प्रकरण की जांच के लिए पहुंची एसआईटी की टीम अकादमी से बाहर जाने वाली थी। गेट पर एसआईटी के पहुंचते की गोलियों की आवाजें सुनाई दी तो टीम कुछ देर तक अकादमी के रिसेप्शन में ही रुकी रही।
शाम करीब पांच बजकर 50 मिनट के आसपास अकादमी के मुख्य गेट पर करीब 20 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की आवाज से पूरा अकादमी परिसर गूंज उठा। गनीमत यह रही कि उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। जिससे कर्मचारी अंदर से बाहर नहीं निकले, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सूत्रों ने बताया कि आरोपी सिपाही चंद्रशेखर ने तीन लोगों पर गोली चलाई। जिसमें एसआई सुरेंद्र लाल मारे गए। अख्तर हुसैन को देहरादून रेफर कर दिया गया और एक अन्य जवान के पैर से गोली आरपार निकल गई।
कई राउंड गोलियां लेकर भागा है आरोपी सिपाही
बताया जाता है कि उसका आईटीबीपी के अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद हैप्पी वैली पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कर्मी भी सकते में आ गए। पुलिस चौकी अकादमी के गेट से सटी हुई है। इस हादसे के बाद अकादमी की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अकादमी अब पूरी तरह से आईटीबीपी के जवानों की छावनी में तब्दील हो गई है।
ड्रेस में हुआ फरार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी सिपाही चंद्रशेखर ड्रेस में ही फरार हो गया। हालांकि, उसने सिविल जूते पहने हुए थे। आरोपी सिपाही चंद्रशेखर अपने साथ करीब कई राउंड एलएमजी की गोलियां लेकर गया है।
मीडिया कर्मियों से की गई बदसलूकी
घटना के बाद मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों से आईटीबीपी के जवान उलझ गए। मीडिया कर्मियों से बदसलूकी की गई, यहां तक कि उन्हें फोटो खींचने से मना कर दिया और कैमरा छीन लिया गया। जिन मीडिया कर्मियों ने तस्वीरें खींच ली थीं, उन्हें कैमरे से डिलीट कर दिया। घटना के बाद आईटीबीपी के जवान बौखलाए हुए थे।
सुरेंद्र की छाती में सात जगह गोलियों के निशान
अकादमी में फायरिंग की घटना की सूचना आग की तरह फैली। पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल समेत कई जनप्रतिनिधि लंढौर कम्युनिटी अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सक ने बताया कि मृतक सुरेंद्र लाल के छाती में सात जगह पर गोलियाें के निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि छाती में कितनी गोलियां दागी गईं।
यातायात बंद कर घायल को किया रवाना
फायरिंग में घायल जवान अख्तर हुसैन को एंबुलेंस से देहरादून ले जाया गया। आईटीबीपी के जवानों ने एंबुलेंस के लिए किंक्रेग से लेकर गज्जी बैंड तक एकतरफा यातायात पूरी तरह से बंद करा दिया गया था, ताकि एंबुलेंस से घायल को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सके। इस दौरान मसूरी आने वाले पर्यटकों को करीब आधा घंटा इंतजार करना पड़ा।