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आठ साल में नहीं बना कॉरिडोर, एनजीटी ने तलब रिपोर्ट

Wed, 21 Nov 2018 02:51 AM IST
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:51 AM IST
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आठ साल में नहीं बना कॉरिडोर, एनजीटी ने तलब रिपोर्ट
आठ साल में नहीं बना कॉरिडोर, एनजीटी ने तलब रिपोर्ट
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दिल्ली-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरिद्वार से आगे राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र मेें मोतीचूर कॉरिडोर (फ्लाईओवर) का निर्माण पूरा नहीं किए जाने पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर दिया है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निर्माणाधीन 731 मीटर लंबे कॉरिडोर को आठ साल में भी बनाया नहीं जा सका है। इस संबंध में एनजीटी ने दोनों मंत्रालयोें के अफसरों से एक माह में स्टेटस रिपोर्ट तलब की है।
उल्लेखनीय है कि ‘सेंटर फार वाइल्ड लाइफ एंड एंवायरनमेंट लिटिगेशन’ के भानु बंसल की ओर से एनजीटी में दाखिल की गई याचिका में बताया गया कि राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में रहने वाले वन्यजीवों मसलन हाथी, बाघ, तेंदुआ व गुलदार स्वच्छंद विचरण कर सकें, इसके लिए साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने मोतीचूर कॉरिडोर के निर्माण का आदेश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साल 2010 में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में कॉरिडोर का निर्माण शुरू किया था, जिसके तहत प्राधिकरण की ओर से 731 मीटर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना था ताकि इस फ्लाईओवर के ऊपर से गाड़ियां निकल जाएं और राजाजी टाइगर रिजर्व के वन्यजीव फ्लाईओवर के नीचे बनाए गए कॉरिडोर से दोनों क्षेत्रों में विचरण कर सकें।
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लेकिन पिछले आठ साल में कॉरिडोर का निर्माण नहीं पूरा किया जा सका है। जिसका सीधा असर टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों पर पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने एनजीटी की ओर से दिए गए आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि सुनवाई के दौरान कहा कि आठ साल में 731 मीटर कॉरिडोर का निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कॉरिडोर नहीं बनने की वजह से वन्यजीव आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी करते हुए कहा कि एक माह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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