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नौनिहाल को समझाएं हरित दीपावली का महत्व
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:34 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पटाखों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने हरित दीपावली मनाने की वकालत की है। इसके तहत सचिव शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख की ओर से हरित दीपावली के लिए सभी स्कूलों को एडवाइजरी भी जारी की गई है।
सचिव शिक्षा की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार पटाखों की चपेट में आने से हर साल बड़ी संख्या में बच्चे हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा बुजुर्गों, बच्चों, नवजात शिशुओं और बीमार व्यक्तियों के अलावा पशु-पक्षियों को भी काफी परेशानी होती है। ऐसे में हरित दीपावली मनाने की जरूरत है। एडवाइजरी के अनुसार पटाखों जलाने की बजाय बच्चों को दीप जलाकर, रंगोली से घर सजाकर दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया जाय। सचिव की ओर से जारी एडवाइजरी में प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे सुबह की प्रार्थना सभाओं के दौरान बच्चों को हरित दीपावली का महत्व समझाएं। सचिव शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख का कहना है कि हरित दीपावली से प्रदूषण स्तर को भी कम किया जा सकेगा।
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पटाखों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने हरित दीपावली मनाने की वकालत की है। इसके तहत सचिव शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख की ओर से हरित दीपावली के लिए सभी स्कूलों को एडवाइजरी भी जारी की गई है।
सचिव शिक्षा की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार पटाखों की चपेट में आने से हर साल बड़ी संख्या में बच्चे हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा बुजुर्गों, बच्चों, नवजात शिशुओं और बीमार व्यक्तियों के अलावा पशु-पक्षियों को भी काफी परेशानी होती है। ऐसे में हरित दीपावली मनाने की जरूरत है। एडवाइजरी के अनुसार पटाखों जलाने की बजाय बच्चों को दीप जलाकर, रंगोली से घर सजाकर दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया जाय। सचिव की ओर से जारी एडवाइजरी में प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे सुबह की प्रार्थना सभाओं के दौरान बच्चों को हरित दीपावली का महत्व समझाएं। सचिव शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख का कहना है कि हरित दीपावली से प्रदूषण स्तर को भी कम किया जा सकेगा।
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