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स्कूलों में पैसा हीं नहीं संसाधन देकर भी करें मदद
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:57 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला/देहरादून।
प्रदेश के बदहाल सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों में आम आदमी भी अपनी भागीदारी निभा सकता है। इसके अलावा स्कूलों में संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से खोले गए खाते में धनराशि जमा कराने के साथ ही स्कूलों को सीधे मदद दी जा सकती है।
इस मुहिम में अमर उजाला फाउंडेशन अपने स्तर से राज्य सरकार की पूरी मदद कर रहा है। स्कूलों को सीधी मदद उपलब्ध कराने के साथ ही अमर उजाला ने ऐसे स्कूलों की समस्याओं और संसाधनों की कमी को जनता तक पहुंचाया। जिससे मदद उपलब्ध कराने वाले सीधे स्कूलों में उन संसाधनों को उपलब्ध करा सकें।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि पहले केवल धनराशि उपलब्ध कराने वाले मददगारों के लिए बैंक खाता खोला गया था। हालांकि कई अन्य मददगार भी सामने आए, जिन्होंने सीधे संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने अनुरोध किया कि अगर उन्हें अगर ऐसे स्कूलों के संबंध में जानकारी दी जाए, जहां संसाधनों का टोटा है, तो वह उन स्कूलों में संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। इसमें कई बड़े कारोबारी, उद्योगपति, व्यापारी, सरकारी अफसर के साथ ही आम लोग भी शामिल हैं। अरविंद पांडेय ने बताया कि लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए सीधे स्कूलों में संसाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। साथ ही स्कूलवार संसाधनों की कमी की सूची तैयार की जा रही है। यह सूची प्रत्येक नोडल अफसर के पास मौजूद रहेगी। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
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स्कूलों में इन संसाधनों का अभाव: प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में शौचालय, मिडडे मील के बर्तन, बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, पंखा, वाटर फिल्टर व वाटर कूलर, बच्चों की ड्रेस, गर्म वस्त्रों की जरूरत है। इसके अलावा अगर किसी स्कूल में कोई कमी है तो आप ड्डठ्ठद्बद्यष्ञ्चस्रस्रठ्ठ.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व पर मेल भेजकर उसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 7253985645 पर व्हाट्स एप कर जानकारी दे सकते हैं।
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प्रदेश के बदहाल सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों में आम आदमी भी अपनी भागीदारी निभा सकता है। इसके अलावा स्कूलों में संसाधन व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से खोले गए खाते में धनराशि जमा कराने के साथ ही स्कूलों को सीधे मदद दी जा सकती है।
इस मुहिम में अमर उजाला फाउंडेशन अपने स्तर से राज्य सरकार की पूरी मदद कर रहा है। स्कूलों को सीधी मदद उपलब्ध कराने के साथ ही अमर उजाला ने ऐसे स्कूलों की समस्याओं और संसाधनों की कमी को जनता तक पहुंचाया। जिससे मदद उपलब्ध कराने वाले सीधे स्कूलों में उन संसाधनों को उपलब्ध करा सकें।
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि पहले केवल धनराशि उपलब्ध कराने वाले मददगारों के लिए बैंक खाता खोला गया था। हालांकि कई अन्य मददगार भी सामने आए, जिन्होंने सीधे संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने अनुरोध किया कि अगर उन्हें अगर ऐसे स्कूलों के संबंध में जानकारी दी जाए, जहां संसाधनों का टोटा है, तो वह उन स्कूलों में संसाधन उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। इसमें कई बड़े कारोबारी, उद्योगपति, व्यापारी, सरकारी अफसर के साथ ही आम लोग भी शामिल हैं। अरविंद पांडेय ने बताया कि लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए सीधे स्कूलों में संसाधान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। साथ ही स्कूलवार संसाधनों की कमी की सूची तैयार की जा रही है। यह सूची प्रत्येक नोडल अफसर के पास मौजूद रहेगी। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
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स्कूलों में इन संसाधनों का अभाव: प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में शौचालय, मिडडे मील के बर्तन, बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, पंखा, वाटर फिल्टर व वाटर कूलर, बच्चों की ड्रेस, गर्म वस्त्रों की जरूरत है। इसके अलावा अगर किसी स्कूल में कोई कमी है तो आप ड्डठ्ठद्बद्यष्ञ्चस्रस्रठ्ठ.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व पर मेल भेजकर उसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 7253985645 पर व्हाट्स एप कर जानकारी दे सकते हैं।