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बिजली दरों के निर्धारण को लेकर जनसुनवाई आज से , आज श्रीनगर में होगी सुनवाई
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। उत्तराखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली की नई दरें निर्धारित करने के लिए आज (मंगलवार) से प्रदेश के चार स्थानों पर जनसुनवाई कर रहा है। सुबह श्रीनगर में जनसुनवाई कार्यक्रम होगा। इसके लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग के साथ यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के अधिकारी श्रीनगर पहुंच गए हैं।
नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया कि 31 जनवरी को देहरादून, चार फरवरी को अल्मोड़ा और पांच फरवरी को रुद्रप्रयाग में जनसुनवाई होगी। इस दौरान उपभोक्ताओं से रायशुमारी कर विभागीय अधिकारियों की भी बिजली की दरें बढ़ाने के लिए राय ली जाएगी। ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों (यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल) की दाखिल याचिका पर पहले सुनवाई हो चुकी है। आयोग सचिव ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले बिजली की नई दरें घोषित कर दी जाएं। गौरतलब है कि यूपीसीएल ने 13.71 फीसदी, यूजेवीएनएल ने 50.66 फीसदी और पिटकुल ने 371 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है। यदि कोई व्यक्ति व संस्था पदाधिकारी अपना मत आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं तो वे जनसुनवाई के दौरान लिखित या मौखिक अपना पक्ष रख सकते हैं।
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग बिजली की नई दरें निर्धारित करने के लिए आज (मंगलवार) से प्रदेश के चार स्थानों पर जनसुनवाई कर रहा है। सुबह श्रीनगर में जनसुनवाई कार्यक्रम होगा। इसके लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग के साथ यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के अधिकारी श्रीनगर पहुंच गए हैं।
नियामक आयोग के सचिव नीरज सती ने बताया कि 31 जनवरी को देहरादून, चार फरवरी को अल्मोड़ा और पांच फरवरी को रुद्रप्रयाग में जनसुनवाई होगी। इस दौरान उपभोक्ताओं से रायशुमारी कर विभागीय अधिकारियों की भी बिजली की दरें बढ़ाने के लिए राय ली जाएगी। ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों (यूपीसीएल, यूजेवीएनएल, पिटकुल) की दाखिल याचिका पर पहले सुनवाई हो चुकी है। आयोग सचिव ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले बिजली की नई दरें घोषित कर दी जाएं। गौरतलब है कि यूपीसीएल ने 13.71 फीसदी, यूजेवीएनएल ने 50.66 फीसदी और पिटकुल ने 371 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग को भेजा है। यदि कोई व्यक्ति व संस्था पदाधिकारी अपना मत आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं तो वे जनसुनवाई के दौरान लिखित या मौखिक अपना पक्ष रख सकते हैं।
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