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पूर्व ओलंपियन हरदयाल सिंह का निधन
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
वर्ष 1956 की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे देहरादून निवासी हरदयाल सिंह का निधन हो गया है। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अपने घर पर आखिरी सांस ली। आज सुबह 11 बजे जीएमएस रोड स्थित पुष्पांजली एनक्लेव के आवास से उनकी अंतिम यात्रा लक्खीबाग श्मशान के लिए प्रस्थान करेगी।
हरदयाल सिंह 1949 में सिख रेजीमेंट में शामिल हुए और अपने शानदार खेल की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय हॉकी टीम में जगह बनाई। 1956 में मेलबर्न, आस्ट्रेलिया में हुए ओलंपिक में वह बतौर इनसाइड फॉरवर्ड भारतीय टीम का हिस्सा बने। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता तो उन्हें जेसीओ पद पर पदोन्नति दी गई। इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी शानदार काम किया। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उनके योगदान के लिए हरदयाल सिंह को ध्यानचंद अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। उनके निधन पर खेल मंत्री अरविंद पांडेय समेत तमाम खेल प्रेमियों ने दुख व्यक्त किया है। हरदयाल सिंह अपने पोते अमन सिंह के परिवार के साथ निवास करते थे। अमन सिंह ने बताया कि उनका स्वास्थ्य लंबे समय से खराब था। चिकित्सकों के कहने पर वह घर पर ही उनकी सेवा कर रहे थे।
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खेल संघों की लड़ाई से थे नाराज
हॉकी इंडिया और इंडिया हॉकी फेडरेशन के बीच विवाद से हरदयाल सिंह काफी व्यथित रहे। उन्होंने कहा कि आपसी लड़ाई से खिलाड़ियों को नुकसान हो रहा है। वह उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में हॉकी एसोसिएशन न होने पर नाराजगी जताते थे।
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वर्ष 1956 की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे देहरादून निवासी हरदयाल सिंह का निधन हो गया है। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अपने घर पर आखिरी सांस ली। आज सुबह 11 बजे जीएमएस रोड स्थित पुष्पांजली एनक्लेव के आवास से उनकी अंतिम यात्रा लक्खीबाग श्मशान के लिए प्रस्थान करेगी।
हरदयाल सिंह 1949 में सिख रेजीमेंट में शामिल हुए और अपने शानदार खेल की बदौलत उन्होंने राष्ट्रीय हॉकी टीम में जगह बनाई। 1956 में मेलबर्न, आस्ट्रेलिया में हुए ओलंपिक में वह बतौर इनसाइड फॉरवर्ड भारतीय टीम का हिस्सा बने। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता तो उन्हें जेसीओ पद पर पदोन्नति दी गई। इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी शानदार काम किया। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उनके योगदान के लिए हरदयाल सिंह को ध्यानचंद अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। उनके निधन पर खेल मंत्री अरविंद पांडेय समेत तमाम खेल प्रेमियों ने दुख व्यक्त किया है। हरदयाल सिंह अपने पोते अमन सिंह के परिवार के साथ निवास करते थे। अमन सिंह ने बताया कि उनका स्वास्थ्य लंबे समय से खराब था। चिकित्सकों के कहने पर वह घर पर ही उनकी सेवा कर रहे थे।
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खेल संघों की लड़ाई से थे नाराज
हॉकी इंडिया और इंडिया हॉकी फेडरेशन के बीच विवाद से हरदयाल सिंह काफी व्यथित रहे। उन्होंने कहा कि आपसी लड़ाई से खिलाड़ियों को नुकसान हो रहा है। वह उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में हॉकी एसोसिएशन न होने पर नाराजगी जताते थे।
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