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जलवायु परिवर्तन से निपटने को सौर ऊर्जा को मिले बढ़ावा
Updated Thu, 28 Jun 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने बुधवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी(एफआरआई) का दौरा कर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों से संवाद किया। उन्होंने वनों को संरक्षित कर प्रकृति के अनुरूप सेशेल्स सरकार के आर्थिक विकास का मॉडल को भी साझा किया। राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की जरूरत है। इस दिशा में इंटरनेशनल सोलर अलायंस के गठन में भारत की भूमिका को भी सराहा।
सेशेल्स राष्ट्रपति ने 2017 बैच के भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों और अकादमी के संकाय सदस्यों के साथ करीब एक घंटे तक जलवायु परिवर्तन समेत वनों को संरक्षित करने के मुद्दे पर विश्व समुदाय की भूमिका पर संवाद किया। उन्होंने अकादमी के न्यू हॉस्टल परिसर में बेल का पौधा लगाया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए अक्षय ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर सेशेल्स सरकार के प्रयासों पर आईएफएस अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण करने से पर्यावरण बचेगा और तेजी से परिवर्तन हो रहे जलवायु की चुनौतियों से निपटा जा सकेगा। सेशेल्स सरकार प्रकृति के अनुरूप आर्थिक विकास को बढ़ावा देे रही है। उनके देश में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया। इसके अलावा प्राकृतिक क्षमता से अधिक नए होटलों के निर्माण पर भी रोक लगाई गई। जिससे प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन न हो पाए।
उन्होंने भारत में वन संसाधनों के प्रबंधन के इतिहास और वन आवरण में सुधार लाने के लिए वानिकी क्षेत्र की हालिया उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वन कर्मियों को प्रशिक्षण देने में भारत और सेशेल्स के बीच अधिक सहयोग स्थापित होगा। एफआरआई के निदेशक गंगा सिंह ने सेशेल्स के राष्ट्रपति व उनके साथ आए शिष्टमंडल का स्वागत कर संस्थानों की ओर से किए जा रहे शोध व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। अपर प्राध्यापक उत्तम कुमार शर्मा ने अकादमी में प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं व भारत में वानिकी क्षेत्र की चुनौतियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थी सौमित्र शुक्ला ने किया। इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ सेशेल्स विदेश मंत्रालय के राज्य सचिव औदे लैबलीन, एफआरआई के संकाय सदस्य डॉ. एस सेंथिल कुमार, डॉ. पीवी विश्वकनन, निधि श्रीवास्तव, एसपी आनंद कुमार, के. शशि कुमार, बी बालाजी आदि अधिकारी मौजूद थे।
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देहरादून। सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने बुधवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी(एफआरआई) का दौरा कर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों से संवाद किया। उन्होंने वनों को संरक्षित कर प्रकृति के अनुरूप सेशेल्स सरकार के आर्थिक विकास का मॉडल को भी साझा किया। राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की जरूरत है। इस दिशा में इंटरनेशनल सोलर अलायंस के गठन में भारत की भूमिका को भी सराहा।
सेशेल्स राष्ट्रपति ने 2017 बैच के भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों और अकादमी के संकाय सदस्यों के साथ करीब एक घंटे तक जलवायु परिवर्तन समेत वनों को संरक्षित करने के मुद्दे पर विश्व समुदाय की भूमिका पर संवाद किया। उन्होंने अकादमी के न्यू हॉस्टल परिसर में बेल का पौधा लगाया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए अक्षय ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर सेशेल्स सरकार के प्रयासों पर आईएफएस अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वनों का संरक्षण करने से पर्यावरण बचेगा और तेजी से परिवर्तन हो रहे जलवायु की चुनौतियों से निपटा जा सकेगा। सेशेल्स सरकार प्रकृति के अनुरूप आर्थिक विकास को बढ़ावा देे रही है। उनके देश में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों के उपयोग को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया। इसके अलावा प्राकृतिक क्षमता से अधिक नए होटलों के निर्माण पर भी रोक लगाई गई। जिससे प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन न हो पाए।
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उन्होंने भारत में वन संसाधनों के प्रबंधन के इतिहास और वन आवरण में सुधार लाने के लिए वानिकी क्षेत्र की हालिया उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वन कर्मियों को प्रशिक्षण देने में भारत और सेशेल्स के बीच अधिक सहयोग स्थापित होगा। एफआरआई के निदेशक गंगा सिंह ने सेशेल्स के राष्ट्रपति व उनके साथ आए शिष्टमंडल का स्वागत कर संस्थानों की ओर से किए जा रहे शोध व अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। अपर प्राध्यापक उत्तम कुमार शर्मा ने अकादमी में प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं व भारत में वानिकी क्षेत्र की चुनौतियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थी सौमित्र शुक्ला ने किया। इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ सेशेल्स विदेश मंत्रालय के राज्य सचिव औदे लैबलीन, एफआरआई के संकाय सदस्य डॉ. एस सेंथिल कुमार, डॉ. पीवी विश्वकनन, निधि श्रीवास्तव, एसपी आनंद कुमार, के. शशि कुमार, बी बालाजी आदि अधिकारी मौजूद थे।
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