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नहीं मिले पटवारी, बैरंग लौटे फरियादी
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
तहसील सदर में शुक्रवार दोपहर 12 बजे फरियादियों की लंबी लाइन लगी थी, लेकिन 30 में से सिर्फ एक ही पटवारी ही कार्यालय में उपस्थित था। इसके चलते घंटों इंतजार के बाद फरियादी लौट गए।
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंगलवार और शुक्रवार को पटवारियों को तहसील कार्यालय में रहना होता है, लेकिन पटवारी अक्सर कार्यालय से नदारद रहते हैं। तहसील सदर में शुक्रवार को ऐसे ही हालात दिखे। सेंटर और रायपुर क्षेत्र के 30 पटवारियों में से मात्र एक मसूरी के पटवारी ही मौजूद थे। इस बाबत वहां बैठे कानूनगो ने बताया कि पटवारी किसी बैठक में हैं। बहरहाल पटवारियों की गैरहाजिरी से दूर-दराज से तहसील पहुंचे लोग बैरंग लौट गए।
नहीं पहना आई कार्ड; करीब डेढ़ साल पहले पटवारियों के लिए आईकार्ड पहनने के आदेश हुए थे, लेकिन अब तक ये आईकार्ड तैयार ही नहीं हो सके हैं। दरअसल पटवारियों को आईकार्ड पहनाने के जरिए प्रशासन दलाली पर शिकंजा कसना चाहता है। तहसील प्रशासन का मानना है कि तहसील में एजेंट व जालसाज घूमते रहते हैं। दूर-दराज से तहसील पहुंचने वाले लोग इन्हीं के चंगुल में फंस जाते हैं।
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क्षेत्र में भी नहीं जाते पटवारी ; दिव्यांग एवं बुजुर्गों को ध्यान में रखकर पटवारियों की ड्यूटी एक दिन बृहस्पतिवार को संबंधित क्षेत्र में तय की गई थी, लेकिन पटवारी इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। पटवारियों के इंतजार में करीब डेढ़ साल बीत गया, लेकिन पटवारी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
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नहीं हुआ काम ; ब्राह्मणवाला निवासी रजत कुमार और शिवम शुक्रवार को तहसील पहुंचे। उन्हें भूमि संबंधी दस्तावेज लेने थे। फोन पर पटवारी ने मिलने की बात भी कही थी। इसके बावजूद वो घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन पटवारी नहीं मिले और न ही फोन उठाया। आखिर में घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा।
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पटवारियों को मंगलवार और शुक्रवार को कार्यालय में ही बैठना है। यदि वो किसी बैठक आदि में व्यस्त नहीं है और इस संबंध में अपनी मनमर्जी कर रहे हैं तो इस दिशा में कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
-प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर
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तहसील सदर में शुक्रवार दोपहर 12 बजे फरियादियों की लंबी लाइन लगी थी, लेकिन 30 में से सिर्फ एक ही पटवारी ही कार्यालय में उपस्थित था। इसके चलते घंटों इंतजार के बाद फरियादी लौट गए।
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंगलवार और शुक्रवार को पटवारियों को तहसील कार्यालय में रहना होता है, लेकिन पटवारी अक्सर कार्यालय से नदारद रहते हैं। तहसील सदर में शुक्रवार को ऐसे ही हालात दिखे। सेंटर और रायपुर क्षेत्र के 30 पटवारियों में से मात्र एक मसूरी के पटवारी ही मौजूद थे। इस बाबत वहां बैठे कानूनगो ने बताया कि पटवारी किसी बैठक में हैं। बहरहाल पटवारियों की गैरहाजिरी से दूर-दराज से तहसील पहुंचे लोग बैरंग लौट गए।
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नहीं पहना आई कार्ड; करीब डेढ़ साल पहले पटवारियों के लिए आईकार्ड पहनने के आदेश हुए थे, लेकिन अब तक ये आईकार्ड तैयार ही नहीं हो सके हैं। दरअसल पटवारियों को आईकार्ड पहनाने के जरिए प्रशासन दलाली पर शिकंजा कसना चाहता है। तहसील प्रशासन का मानना है कि तहसील में एजेंट व जालसाज घूमते रहते हैं। दूर-दराज से तहसील पहुंचने वाले लोग इन्हीं के चंगुल में फंस जाते हैं।
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क्षेत्र में भी नहीं जाते पटवारी ; दिव्यांग एवं बुजुर्गों को ध्यान में रखकर पटवारियों की ड्यूटी एक दिन बृहस्पतिवार को संबंधित क्षेत्र में तय की गई थी, लेकिन पटवारी इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। पटवारियों के इंतजार में करीब डेढ़ साल बीत गया, लेकिन पटवारी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
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नहीं हुआ काम ; ब्राह्मणवाला निवासी रजत कुमार और शिवम शुक्रवार को तहसील पहुंचे। उन्हें भूमि संबंधी दस्तावेज लेने थे। फोन पर पटवारी ने मिलने की बात भी कही थी। इसके बावजूद वो घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन पटवारी नहीं मिले और न ही फोन उठाया। आखिर में घंटों इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा।
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पटवारियों को मंगलवार और शुक्रवार को कार्यालय में ही बैठना है। यदि वो किसी बैठक आदि में व्यस्त नहीं है और इस संबंध में अपनी मनमर्जी कर रहे हैं तो इस दिशा में कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
-प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर