{"_id":"70a4f2d87b0ef5b701cdced0e0b4b454","slug":"18-thousand-animals-were-killed-in-flood","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 हजार पशुओं की आपदा में गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 हजार पशुओं की आपदा में गई जान
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2013 08:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार आपदा से प्रदेश में करीब 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि के नुकसान का अनुमान है। कृषि विभाग के मुताबिक पर्वतीय जिलों में दो हजार और मैदानी क्षेत्र में 18 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
बताया यह भी जा रहा है कि पर्वतीय जिलों में आपदा से 18,228 पशुओं की मृत्यु हुई है। पशुपालन में ही आपदा से करीब 943 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया गया है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवाई) की बैठक में प्रमुख सचिव रणवीर सिंह के मुताबिक हरिद्वार में गन्ने की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। पर्वतीय जिलों में औद्यानिक फसलों, सब्जियों और टमाटर की फसल बर्बाद हुई है। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव आशीष बहुगुणा ने राज्य सरकार से मनरेगा और जलागम प्रबंध जैसी योजनाओं और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
विज्ञापन
आपदा से नुकसान का ब्योरा पेश किया
बहुगुणा ने कहा कि इन योजनाओं में अधिक से अधिक प्रस्ताव बनाकर भेजे जाने चाहिए। बैठक में कृषि विभाग ने आपदा से नुकसान का ब्योरा भी पेश किया। वर्ष 2013-14 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कुल 168 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को केंद्र के सामने रखा गया।
इसमें से 91 करोड़ की 13 परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी गई। बैठक में केंद्रीय संयुक्त कृषि सचिव उत्पल कुमार, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव राकेश कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे।
खबर पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें