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एनपीए बढ़ा तो बैंकों ने लटकाए योजनाओं के आवेदन
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। प्रदेश में चल रही सरकार की दस योजनाओं का एनपीए (नॉन परफोर्मिंग एसेट अथवा गैर निष्पादित संपत्ति) बढ़ा तो बैंकों ने विभिन्न योजनाओं के नए आवेदन भी लटका दिए। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन हो या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन...सभी योजनाओं में काफी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। हालत यह है कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य पूरे नहीं हो रहे हैं। जिसकी वजह से बैंक ऋण देने से भी किनारे कर रहे हैं। यह जानकारी सोमवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सामने आई।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन व्यक्तिगत का लक्ष्य 1182 आवेदन का था। इसके सापेक्ष 1529 आवेदन आए। इनमें से 721 आवेदनों पर ऋण जारी कर दिया है। 343 आवेदन निरस्त हो चुके हैं। जबकि 442 आवेदन लंबित पड़े हैं। इसी प्रकार, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन समूह योजना के तहत 18 का लक्ष्य था, जिनके सापेक्ष 71 आवेदन आए। इनमें से 12 आवेदनकर्ता को ऋण दिया गया। नौ आवेदन निरस्त हुए और 47 आवेदन लंबित हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5641 आवेदन का लक्ष्य था, जिनके सापेक्ष मात्र 3636 आवेदन आए। इनमें से 1184 को ऋण दिया गया। जबकि 371 आवेदन निरस्त किए गए जबकि 1540 आवेदन लंबित पड़ें हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम के तहत 1190 आवेदन का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 3303 आवेदन आए। इनमें से 989 निरस्त किए गए। 408 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 400 आवेदन के लक्ष्य के सापेक्ष 276 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 99 पर ऋण वितरित किया गया। 46 निरस्त किए। जबकि 115 आवेदन लंबित पड़े हैं। पर्यटन विभाग की दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना के तहत 2000 लोगों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष मात्र 186 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 13 पास हुए, दो को ऋण दिया गया। आठ निरस्त किए गए। जबकि 165 आवेदन अब तक लंबित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 328 में से 86 आवेदन पास हुए। 104 निरस्त हुए और 138 लंबित पड़े हैं।
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स्पेशल कंपोनेंट प्लान में भी अनुसूचित जाति के लिए आए आवेदनों में से 285, अनुसूचित जनजाति के 46 और अल्पसंख्यक समुदाय के 187 आवेदन लंबित हैं। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने सभी योजनाओं के लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। बैंकर्स समिति की बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, एसबीआई के महाप्रबंधक अजीत सिंह ठाकुर सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में खूब बांटे लोन
एक ओर विभिन्न योजनाओं में लोन बांटने में बैंक ढिलाई बरत रहे हैं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत खूब लोन बांटे गए हैं। एसएलबीसी के आंकड़ों के मुताबिक, 50 हजार रुपये तक की शिशु श्रेणी में 104 प्रतिशत, 50 हजार से पांच लाख की किशोर श्रेणी में 79 प्रतिशत, पांच लाख से दस लाख की तरुण श्रेणी में 66 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 93327 लाभार्थियों को 1448.62 करोड़ के ऋण बांटे गए हैं।
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देहरादून। प्रदेश में चल रही सरकार की दस योजनाओं का एनपीए (नॉन परफोर्मिंग एसेट अथवा गैर निष्पादित संपत्ति) बढ़ा तो बैंकों ने विभिन्न योजनाओं के नए आवेदन भी लटका दिए। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन हो या राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन...सभी योजनाओं में काफी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। हालत यह है कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य पूरे नहीं हो रहे हैं। जिसकी वजह से बैंक ऋण देने से भी किनारे कर रहे हैं। यह जानकारी सोमवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सामने आई।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन व्यक्तिगत का लक्ष्य 1182 आवेदन का था। इसके सापेक्ष 1529 आवेदन आए। इनमें से 721 आवेदनों पर ऋण जारी कर दिया है। 343 आवेदन निरस्त हो चुके हैं। जबकि 442 आवेदन लंबित पड़े हैं। इसी प्रकार, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन समूह योजना के तहत 18 का लक्ष्य था, जिनके सापेक्ष 71 आवेदन आए। इनमें से 12 आवेदनकर्ता को ऋण दिया गया। नौ आवेदन निरस्त हुए और 47 आवेदन लंबित हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5641 आवेदन का लक्ष्य था, जिनके सापेक्ष मात्र 3636 आवेदन आए। इनमें से 1184 को ऋण दिया गया। जबकि 371 आवेदन निरस्त किए गए जबकि 1540 आवेदन लंबित पड़ें हैं।
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम के तहत 1190 आवेदन का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 3303 आवेदन आए। इनमें से 989 निरस्त किए गए। 408 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 400 आवेदन के लक्ष्य के सापेक्ष 276 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 99 पर ऋण वितरित किया गया। 46 निरस्त किए। जबकि 115 आवेदन लंबित पड़े हैं। पर्यटन विभाग की दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना के तहत 2000 लोगों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष मात्र 186 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 13 पास हुए, दो को ऋण दिया गया। आठ निरस्त किए गए। जबकि 165 आवेदन अब तक लंबित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 328 में से 86 आवेदन पास हुए। 104 निरस्त हुए और 138 लंबित पड़े हैं।
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स्पेशल कंपोनेंट प्लान में भी अनुसूचित जाति के लिए आए आवेदनों में से 285, अनुसूचित जनजाति के 46 और अल्पसंख्यक समुदाय के 187 आवेदन लंबित हैं। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने सभी योजनाओं के लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। बैंकर्स समिति की बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक अविनाश चंद्र श्रीवास्तव, एसबीआई के महाप्रबंधक अजीत सिंह ठाकुर सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में खूब बांटे लोन
एक ओर विभिन्न योजनाओं में लोन बांटने में बैंक ढिलाई बरत रहे हैं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत खूब लोन बांटे गए हैं। एसएलबीसी के आंकड़ों के मुताबिक, 50 हजार रुपये तक की शिशु श्रेणी में 104 प्रतिशत, 50 हजार से पांच लाख की किशोर श्रेणी में 79 प्रतिशत, पांच लाख से दस लाख की तरुण श्रेणी में 66 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 93327 लाभार्थियों को 1448.62 करोड़ के ऋण बांटे गए हैं।