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एक्ट संशोधनों पर किया मंथन
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:16 AM IST
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एक्ट संशोधनों पर किया मंथन
ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी। इनसॉलवेंसी व बैंकरप्सी एक्ट-2016, आयकर पेनाल्टी, बैंक के एनपीए और सीबीडीटी में हाल ही में किए गए संशोधनों पर विचार विमर्श के लिए कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के स्टडी सर्किल की ओर से चार्टर्ड अकाउंटेंट के दो दिवसीय रेसिडेंसियल रिफ्रेशर कोर्स सेमिनार का शुभारंभ किया।
शनिवार को नगर के होटल में आयोजित रेसिडेंसियल रिफ्रेशर कोर्स सेमिनार का शुभारंभ कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के संयोजक सीए महेंद्र निगम, संजय अग्रवाल और अतुल अग्रवाल ने किया। सेमिनार में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के लगभग 60 चार्टर्ड अकाउंटेंट ने भाग लिया। इस मौके पर सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विवेक खन्ना ने कहा कि सेमिनार में संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और अपनी सिफारिशों को सीबीडीटी को भेजा जाएगा।
सेमिनार के पहले दिन दिल्ली हाईकोर्ट अधिवक्ता जीपी मदान ने इन्सॉलवेंसी व बैंकरप्सी एक्ट 2016 के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए।
सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विवेक खन्ना ने बताया कि संशोधित एक्ट में समय सीमा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस कानून से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक व अन्य बैंकों को एनपीए की समस्याओं से बहुत राहत मिलेगी। इनसॉलवेंसी के अंतर्गत पहले सरकारी देयों का भुगतान पहले होता था लेकिन संशोधनों के बाद नए कानून में सरकारी देयों का भुगतान पांचवें नंबर पर होगा। इससे पहले इनसॉलवेंसी से संबंधित खर्चे, सिक्योर्ड लोन, मजदूरों की पिछले 24 व 12 महीने की मजदूरी का भुगतान करने के बाद ही सरकारी देयों का भुगतान होगा। उन्होंने पेनाल्टी सिस्टम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्व के प्रावधान की अपेक्षा नए प्रावधान में थोड़ी कठिनाई हो रही है।
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सेमिनार में सीबीडीटी द्वारा हाल ही में जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें बताया कि दो करोड़ से कम सालाना कारोबार करने वाले कारोबारी कुल बिक्री पर आठ प्रतिशत आय मानकर टैक्स जमा कर सकते हैं। सेवा प्रदाता प्रोफेशनल ने अगर साल भर में 50 लाख रुपये तक की फीस ली है तो वह इसका 50 प्रतिशत अनुमानित आय मानकर टैक्स जमा कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 जुलाई तक रिटर्न भरना अनिवार्य है।
देहरादून के सीए विरेंद्र कालरा ने अनिवासी भारतीयों से संबंधित आयकर प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सीए मनु अग्रवाल, विवेक खन्ना, निखिल टंडन, राजीव चोपड़ा, संकल्प मल्ल, संजय अग्रवाल, प्रशांत सेठ, विशाल खन्ना, नवल कपूर, अनिल गोयल, अखिलेश वानी, राजेश मेहरा आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी। इनसॉलवेंसी व बैंकरप्सी एक्ट-2016, आयकर पेनाल्टी, बैंक के एनपीए और सीबीडीटी में हाल ही में किए गए संशोधनों पर विचार विमर्श के लिए कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के स्टडी सर्किल की ओर से चार्टर्ड अकाउंटेंट के दो दिवसीय रेसिडेंसियल रिफ्रेशर कोर्स सेमिनार का शुभारंभ किया।
शनिवार को नगर के होटल में आयोजित रेसिडेंसियल रिफ्रेशर कोर्स सेमिनार का शुभारंभ कानपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के संयोजक सीए महेंद्र निगम, संजय अग्रवाल और अतुल अग्रवाल ने किया। सेमिनार में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के लगभग 60 चार्टर्ड अकाउंटेंट ने भाग लिया। इस मौके पर सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विवेक खन्ना ने कहा कि सेमिनार में संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और अपनी सिफारिशों को सीबीडीटी को भेजा जाएगा।
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सेमिनार के पहले दिन दिल्ली हाईकोर्ट अधिवक्ता जीपी मदान ने इन्सॉलवेंसी व बैंकरप्सी एक्ट 2016 के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए।
सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विवेक खन्ना ने बताया कि संशोधित एक्ट में समय सीमा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस कानून से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक व अन्य बैंकों को एनपीए की समस्याओं से बहुत राहत मिलेगी। इनसॉलवेंसी के अंतर्गत पहले सरकारी देयों का भुगतान पहले होता था लेकिन संशोधनों के बाद नए कानून में सरकारी देयों का भुगतान पांचवें नंबर पर होगा। इससे पहले इनसॉलवेंसी से संबंधित खर्चे, सिक्योर्ड लोन, मजदूरों की पिछले 24 व 12 महीने की मजदूरी का भुगतान करने के बाद ही सरकारी देयों का भुगतान होगा। उन्होंने पेनाल्टी सिस्टम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूर्व के प्रावधान की अपेक्षा नए प्रावधान में थोड़ी कठिनाई हो रही है।
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सेमिनार में सीबीडीटी द्वारा हाल ही में जारी एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें बताया कि दो करोड़ से कम सालाना कारोबार करने वाले कारोबारी कुल बिक्री पर आठ प्रतिशत आय मानकर टैक्स जमा कर सकते हैं। सेवा प्रदाता प्रोफेशनल ने अगर साल भर में 50 लाख रुपये तक की फीस ली है तो वह इसका 50 प्रतिशत अनुमानित आय मानकर टैक्स जमा कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 जुलाई तक रिटर्न भरना अनिवार्य है।
देहरादून के सीए विरेंद्र कालरा ने अनिवासी भारतीयों से संबंधित आयकर प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सीए मनु अग्रवाल, विवेक खन्ना, निखिल टंडन, राजीव चोपड़ा, संकल्प मल्ल, संजय अग्रवाल, प्रशांत सेठ, विशाल खन्ना, नवल कपूर, अनिल गोयल, अखिलेश वानी, राजेश मेहरा आदि मौजूद रहे।