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सचिव चिकित्सा व एनएचएम निदेशक ने सभी सीएमओ की बैठक
Updated Wed, 06 Jun 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत ग्राम स्वराज अभियान के तहत दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को सचिव चिकित्सा व एनएचएम राज्य परियोजना निदेशक ने सीएमओ के साथ बैठक की।
स्वास्थ्य महानिदेशालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एनएचएम निदेशक व अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने ग्राम स्वराज अभियान के तहत केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। ग्राम स्वराज अभियान का अगला 15 जून से शुरू होगा। मिशन निदेशक ने सभी सीएमओ को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा और प्रगति स्तर में सुधार के लिए निर्देशित किया है। इससे पहले सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने सभी सीएमओ के साथ सचिवालय परिसर में बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने सभी सीएमओ को एनएचएम की पीआईपी के अनुसार कार्य योजना बनाने, अस्पतालों में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप चिकित्सकों की तैनाती आदि के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक डॉ. वीएस टोलिया ने उपकेंद्र स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को क्रियाशील बनाने में गाइड लाइन तथा विभागीय रणनीति की जानकारी दी। संयुक्त निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी ने टीकाकरण के लिए कोल्ड चेन उपकरणों का रख-रखाव, वैक्सीन की आपूर्ति तथा नियमित टीकाकरण में सुधार संबंधी सुझाव दिए। इसके अलावा टीबी के मरीजों के पोषण भत्ता एवं नई उपचार पद्धति की जानकारी दी। बैठक में निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल, संयुक्त निदेशक डॉ. बागीश चंद्र काला, एनएचएम के सभी प्रभारी अधिकारी एवं स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कई अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से 330 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाना है। इसके तहत राज्य के दो जिलों हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर की सभी ग्राम सभाओं में ग्राम स्वराज अभियान संचालित होना है। अभियान के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल, स्तनपान, आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण तथा बच्चों के पेट में कीड़े मारने की गोली एल्बेंडाजोल दिए जाने, डीआरटीबी केंद्र की स्थापना आदि योजनाओं को प्रभावी तौर पर धरातल पर लागू करना सुनिश्चित किया जाएगा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत ग्राम स्वराज अभियान के तहत दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को सचिव चिकित्सा व एनएचएम राज्य परियोजना निदेशक ने सीएमओ के साथ बैठक की।
स्वास्थ्य महानिदेशालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एनएचएम निदेशक व अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने ग्राम स्वराज अभियान के तहत केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। ग्राम स्वराज अभियान का अगला 15 जून से शुरू होगा। मिशन निदेशक ने सभी सीएमओ को स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा और प्रगति स्तर में सुधार के लिए निर्देशित किया है। इससे पहले सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने सभी सीएमओ के साथ सचिवालय परिसर में बैठक की। स्वास्थ्य सचिव ने सभी सीएमओ को एनएचएम की पीआईपी के अनुसार कार्य योजना बनाने, अस्पतालों में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप चिकित्सकों की तैनाती आदि के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक डॉ. वीएस टोलिया ने उपकेंद्र स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को क्रियाशील बनाने में गाइड लाइन तथा विभागीय रणनीति की जानकारी दी। संयुक्त निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी ने टीकाकरण के लिए कोल्ड चेन उपकरणों का रख-रखाव, वैक्सीन की आपूर्ति तथा नियमित टीकाकरण में सुधार संबंधी सुझाव दिए। इसके अलावा टीबी के मरीजों के पोषण भत्ता एवं नई उपचार पद्धति की जानकारी दी। बैठक में निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल, संयुक्त निदेशक डॉ. बागीश चंद्र काला, एनएचएम के सभी प्रभारी अधिकारी एवं स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कई अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से 330 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाना है। इसके तहत राज्य के दो जिलों हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर की सभी ग्राम सभाओं में ग्राम स्वराज अभियान संचालित होना है। अभियान के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल, स्तनपान, आंगनबाड़ी केंद्रों पर शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण तथा बच्चों के पेट में कीड़े मारने की गोली एल्बेंडाजोल दिए जाने, डीआरटीबी केंद्र की स्थापना आदि योजनाओं को प्रभावी तौर पर धरातल पर लागू करना सुनिश्चित किया जाएगा।
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