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गैरसैंण स्थायी राजाधानी से कम कुछ मंजूर नहीं
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड महिला मंच ने गैरसैंण में आंदोलनकारी महिलाओं से अभद्रता के विरोध में घंटाघर पर प्रदर्शन कर सांकेतिक जाम लगाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन नहीं बल्कि स्थायी राजधानी घोषित किया जाएगा। जाम के दौरान महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को उत्तराखंड महिला मंच की जिला संयोजक निर्मला बिष्ट के नेतृत्व में महिलाएं घंटाघर पहुंची और वहां जाम लगा दिया। महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर उसे कुछ लोगों की अय्याशी का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी से करोड़ों खर्च होगा और जनता पर इसका बोझ पड़ेगा। जिला संयोजक निर्मला बिष्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस के बल पर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। यदि गैरसैंण को शीघ्र स्थायी राजधानी घोषित न किया गया तो राज्य प्राप्ति आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण में महिलाओं पर लाठीचार्ज कर उन पर लात घूंसे चलाए गए। मंच की प्रवक्ता शकुंतला गुसांई ने कहा कि सरकारी इसी बजट सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करें। उन्होंने कहा कि पिछले 17 साल में 17 लाख लोग रोजगार की तलाश में पहाड़ से पलायन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों में पदमा गुप्ता, उषा भट्ट, कमलेश्वरी बडोला, आशा जोशी, शकुंतला मुंडेपी, भुवनेश्वरी कठैत, शांति नेगी आदि शामिल रही। करीब पंद्रह मिनट लगे जाम की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंच यातायात व्यवस्था सुचारु कराई।
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उत्तराखंड महिला मंच ने गैरसैंण में आंदोलनकारी महिलाओं से अभद्रता के विरोध में घंटाघर पर प्रदर्शन कर सांकेतिक जाम लगाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन नहीं बल्कि स्थायी राजधानी घोषित किया जाएगा। जाम के दौरान महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को उत्तराखंड महिला मंच की जिला संयोजक निर्मला बिष्ट के नेतृत्व में महिलाएं घंटाघर पहुंची और वहां जाम लगा दिया। महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर उसे कुछ लोगों की अय्याशी का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी से करोड़ों खर्च होगा और जनता पर इसका बोझ पड़ेगा। जिला संयोजक निर्मला बिष्ट ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस के बल पर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। यदि गैरसैंण को शीघ्र स्थायी राजधानी घोषित न किया गया तो राज्य प्राप्ति आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। महिलाओं ने कहा कि गैरसैंण में महिलाओं पर लाठीचार्ज कर उन पर लात घूंसे चलाए गए। मंच की प्रवक्ता शकुंतला गुसांई ने कहा कि सरकारी इसी बजट सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करें। उन्होंने कहा कि पिछले 17 साल में 17 लाख लोग रोजगार की तलाश में पहाड़ से पलायन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों में पदमा गुप्ता, उषा भट्ट, कमलेश्वरी बडोला, आशा जोशी, शकुंतला मुंडेपी, भुवनेश्वरी कठैत, शांति नेगी आदि शामिल रही। करीब पंद्रह मिनट लगे जाम की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंच यातायात व्यवस्था सुचारु कराई।
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