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168 रिक्रूट बने सेना के अभिन्न अंग
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लैंसडौन में आयोजित पासिंग आउट परेड में अव्वल प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को मैडल से सम्मानित क?
- फोटो : KOTDWAR
लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स के हेडक्वार्टर लैंसडौन में 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद देश की आन-बान-शान की रक्षा करने की शपथ लेते हुए 168 रिक्रूट सेना के अभिन्न अंग बन गए। समीक्षा अधिकारी मेजर जनरल गजेंद्र सिंह ने रिक्रूटों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
लैंसडौन के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड का बतौर समीक्षा अधिकारी मेजर जनरल गजेंद्र सिंह ने पहले वीर सैनिक की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की माटी पर कुर्बान हुए शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया। उसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व के युद्ध मोर्चों पर इस रेजीमेंट के जांबाजों ने अपने साहस व बहादुरी से विश्व में अपना लोहा मनवाया है। उन्होंने नवयिुक्त सैनिकों से गढ़वाल राइफल्स के इन आदर्शोें के अनुरूप कार्य करते हुए अपने दायित्वों का कर्तव्यनिष्ठा के साथ पालन करने की अपील की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के साथ रेजीमेंटल धार्मिक गुरु पंडित शशांक शेखर डिमरी द्वारा लाए गए धार्मिक ग्रंथ पर रिक्रूटों ने अपना दाहिना हाथ रख कर राष्ट्रीय ध्वज और देश की रक्षा करने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय ध्वज टोली में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह बजवाल, नायब सूबेदार राहुल रोडियाल, नायब सूबेदार भावेश सिंह, सीएचएम ध्यान सिंह व सीएचएम बीजेंद्र कुमार शामिल थे। इस मौके पर रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदान की गई बहादुरी का प्रतीक लाल रंग का स्कारलेट रायल रस्सी धारण करते हुए राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इस मौके पर सैन्य अधिकारियों सहित नगर के गण्यमान्य लोग व सैनिकों के परिजन मौजूद रहे।
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ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करते पर सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट हुए सम्मानित
लैंसडौन। प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने पर मेजर जनरल गजेंद्र सिंह ने ओवरआल प्रदर्शन के लिए राइफलमैन प्रमोद सिंह को स्वर्ण, दिगपाल सिंह को रजत व अमन सिंह बिष्ट को कांस्य पदक प्रदान किए गए। ड्रिल में सर्वोत्तम रहे शंकर सिंह राना, फायरिंग में अव्वल रहे कैलाश सिंह, शारीरिक प्रदर्शन में अग्रणी रहे राहुल सिंह को पदक प्रदान कर सम्मान दिया गया। उत्तम प्रशिक्षक के लिए नायक शैलेंद्र दत्त ए कंपनी, बेस्ट प्लाटून कमांडर के लिए सूबेदार हरीश सिंह ई कंपनी को सम्मानित किया। चैंपियनशिप बैनर का खिताब ए कंपनी को दिया गया। इसके लिए कंपनी के जेसीओज सूबेदार जयेंद्र सिंह सेना मेडल ने बैनर ग्रहण किया।
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लैंसडौन के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड का बतौर समीक्षा अधिकारी मेजर जनरल गजेंद्र सिंह ने पहले वीर सैनिक की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की माटी पर कुर्बान हुए शहीदों का भावपूर्ण स्मरण किया। उसके बाद उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व के युद्ध मोर्चों पर इस रेजीमेंट के जांबाजों ने अपने साहस व बहादुरी से विश्व में अपना लोहा मनवाया है। उन्होंने नवयिुक्त सैनिकों से गढ़वाल राइफल्स के इन आदर्शोें के अनुरूप कार्य करते हुए अपने दायित्वों का कर्तव्यनिष्ठा के साथ पालन करने की अपील की।
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इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के साथ रेजीमेंटल धार्मिक गुरु पंडित शशांक शेखर डिमरी द्वारा लाए गए धार्मिक ग्रंथ पर रिक्रूटों ने अपना दाहिना हाथ रख कर राष्ट्रीय ध्वज और देश की रक्षा करने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय ध्वज टोली में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह बजवाल, नायब सूबेदार राहुल रोडियाल, नायब सूबेदार भावेश सिंह, सीएचएम ध्यान सिंह व सीएचएम बीजेंद्र कुमार शामिल थे। इस मौके पर रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रदान की गई बहादुरी का प्रतीक लाल रंग का स्कारलेट रायल रस्सी धारण करते हुए राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इस मौके पर सैन्य अधिकारियों सहित नगर के गण्यमान्य लोग व सैनिकों के परिजन मौजूद रहे।
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ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करते पर सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट हुए सम्मानित
लैंसडौन। प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने पर मेजर जनरल गजेंद्र सिंह ने ओवरआल प्रदर्शन के लिए राइफलमैन प्रमोद सिंह को स्वर्ण, दिगपाल सिंह को रजत व अमन सिंह बिष्ट को कांस्य पदक प्रदान किए गए। ड्रिल में सर्वोत्तम रहे शंकर सिंह राना, फायरिंग में अव्वल रहे कैलाश सिंह, शारीरिक प्रदर्शन में अग्रणी रहे राहुल सिंह को पदक प्रदान कर सम्मान दिया गया। उत्तम प्रशिक्षक के लिए नायक शैलेंद्र दत्त ए कंपनी, बेस्ट प्लाटून कमांडर के लिए सूबेदार हरीश सिंह ई कंपनी को सम्मानित किया। चैंपियनशिप बैनर का खिताब ए कंपनी को दिया गया। इसके लिए कंपनी के जेसीओज सूबेदार जयेंद्र सिंह सेना मेडल ने बैनर ग्रहण किया।