फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   बीमार वृद्धा को पांच किमी पैदल चल पालकी से पहुंचाया अस्पताल

बीमार वृद्धा को पांच किमी पैदल चल पालकी से पहुंचाया अस्पताल

Sat, 30 Mar 2019 01:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 30 Mar 2019 01:43 AM IST
विज्ञापन
बीमार वृद्धा को पांच किमी पैदल चल पालकी से पहुंचाया अस्पताल
प्रतीकात्मक तस्वीर

ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर

विज्ञापन

साहिया। जौनसार बावर के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के नहीं होने का दंश झेल रहे हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को लकड़ी के डंडों की पालकी बनाकर कई किमी की दूरी पैदल तय कर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है।
कालसी ब्लॉक के पिनगिरी गांव में ऐसा की एक मामला देखने को मिला। क्षेत्र में सड़क नहीं होने के कारण एक वृद्धा को लकड़ी के डंडों में कुर्सी बांधकर पालकी बना करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में छह साल पहले सतनपुल से डयोढिलानी तक 15 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा हुई थी। इससे ग्रामीणों को गांव तक सड़क पहुंचने की आस जगी थी, लेकिन सर्वे से आगे काम नहीं हुआ।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार रात पिनगिरी बढे़त निवासी टीको देवी (60) का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया। सड़क नहीं होने के कारण उन्हें रात को अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। ग्रामीण सुबह होने का इंतजार करते रहे। सुबह टीको देवी को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने बांस के दो डंडों में कुर्सी बांधकर पालकी बनाई। इसके सहारे उन्हें करीब 5 किमी दूर पैदल चलकर सतनपुल तक लाया गया। यहां से उन्हें वाहन से विकासनगर अस्पताल पहुंचाया गया। पूर्व ग्राम प्रधान कन्हैया लाल, मोहन सिंह, मदन सिंह तोमर, रतन सिंह और नरेंद्र पाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के पिनगिरी के साथ ही टुरोऊ, अमराहाया, किमोठा, बोहा उजाला, बराईला डाडुवा, कितरोली, धिरोग सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में सड़क नहीं है। इससे ग्रामीण पैदल दूरी तय करने को मजबूूर हैं। वहीं, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डंडों की पालकी बनाकर पैदल अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्र में कुछ सड़के स्वीकृत हैं, लेकिन इन दिनों आचार संहिता लगी होने के कारण इन पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
- डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया

जौनसार बावर विषम भौगोलिक परिस्थिति वाला क्षेत्र है। सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का काम है, जो इस दिशा में प्रयासरत हैं।
- डॉ. अपूर्वा सिंह, एसडीएम कालसी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed