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देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना मेरा सपना : कुहू
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
इंडोनेशिया में आयोजित लागोस इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा शटलर कुहू गर्ग देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना चाहतीं हैं। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की तरह वह भी ओलंपिक पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को ऊपर जाते देखना चाहती हैं। फिलहाल वह इंग्लैंड में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों पर फोकस कर रही हैं।
शनिवार को कैनाल रोड स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में कुहू गर्ग का अभिनंदन किया गया। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुहू ने कहा कि चीन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में हार से वह बिल्कुल निराश नहीं हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने कहा कि विदेश में खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा फोकस किया जाता है। उनकी कमियों, अच्छाइयों और तकनीक पर बारीक नजर रखी जाती है, जिससे सुधार में फायदा मिलता है। वह सीनियर लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने को लेकर खासी उत्साहित हैं।
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परिवार के बिना मैं कुछ भी नहीं
कुहू ने अपनी सफलता का श्रेय पिता अशोक कुमार, मां अलकनंदा अशोक और प्रशिक्षकों को दिया। कुहू ने कहा कि परिवार ने उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने में मदद की है, जिसकी वजह से वह आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग मुझे मेरे माता-पिता के नाम से जानना चाहते हैं। मैं चाहती हूं कि भविष्य में लोग मुझे मेरे खेल से जानें। परिवार की पहचान मेरे नाम से हो।
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मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
कुहू ने शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। कुहू को सम्मानित करते हुए मुख्यंमत्री ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं। कुहू ने लागोस इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। कुहू के साथ उनके पिता एडीजी (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार और मां अलकनंदा अशोक भी मौजूद रहीं।
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इंडोनेशिया में आयोजित लागोस इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा शटलर कुहू गर्ग देश के लिए ओलंपिक पदक जीतना चाहतीं हैं। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की तरह वह भी ओलंपिक पोडियम पर खड़े होकर तिरंगे को ऊपर जाते देखना चाहती हैं। फिलहाल वह इंग्लैंड में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों पर फोकस कर रही हैं।
शनिवार को कैनाल रोड स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में कुहू गर्ग का अभिनंदन किया गया। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कुहू ने कहा कि चीन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में हार से वह बिल्कुल निराश नहीं हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने कहा कि विदेश में खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा फोकस किया जाता है। उनकी कमियों, अच्छाइयों और तकनीक पर बारीक नजर रखी जाती है, जिससे सुधार में फायदा मिलता है। वह सीनियर लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने को लेकर खासी उत्साहित हैं।
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परिवार के बिना मैं कुछ भी नहीं
कुहू ने अपनी सफलता का श्रेय पिता अशोक कुमार, मां अलकनंदा अशोक और प्रशिक्षकों को दिया। कुहू ने कहा कि परिवार ने उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने में मदद की है, जिसकी वजह से वह आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग मुझे मेरे माता-पिता के नाम से जानना चाहते हैं। मैं चाहती हूं कि भविष्य में लोग मुझे मेरे खेल से जानें। परिवार की पहचान मेरे नाम से हो।
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मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
कुहू ने शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। कुहू को सम्मानित करते हुए मुख्यंमत्री ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं। कुहू ने लागोस इंटरनेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। कुहू के साथ उनके पिता एडीजी (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार और मां अलकनंदा अशोक भी मौजूद रहीं।