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जहां शिक्षक यूनिफॉर्म में नहीं होंगे, वहां नहीं जाऊंगा
Updated Tue, 15 May 2018 02:24 AM IST
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जहां शिक्षक यूनिफॉर्म में नहीं होंगे, वहां नहीं जाऊंगा : पांडेय
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
जिस कार्यक्रम में शिक्षक विभागीय ड्रेस कोड में नहीं होंगे, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय वहां नहीं जाएंगे। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शिक्षकों के जिस कार्यक्रम में बिना ड्रेस कोड के शिक्षक दिखे तो वे वहां से तुरंत लौट जाएंगे। उनके इस बयान पर राजकीय शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है।
सोमवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षक एक जुलाई से यूनिफॉर्म में दिखेंगे। शिक्षक संघ भी इसके लिए तैयार हो गए हैं। सभी शिक्षक संघों ने अपने सदस्यों से एक जुलाई से ड्रेस पहनकर आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है।
उधर, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने मंत्री के बयान को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मंत्री की ओर से संगठन के पदाधिकारियों को विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बैठक में अकेले मंत्री मौजूद थे। वार्ता की शुरुआत में उन्होंने ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ-कनिष्ठ वेतन विसंगति, चयन वेतनमान, कोटिकरण सुधार समेत अन्य मुद्दों पर सरकार कुछ नहीं कर रही है। ड्रेस कोड को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ड्रेस कोड के लिए शिक्षकों को बाध्य नहीं करेगा। बैठक में डा. सोहन सिंह माझिला, उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल और कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी आदि मौजूद रहे।
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सबसे पहले बीमारों के तबादले
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि तबादलों का लाभ सबसे पहले बीमार शिक्षकों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक जो खुद बीमार हैं या जिनके करीबी परिजन बीमार हैं, उन्हें तबादलों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा अन्य गंभीर परेशानियों के मामलों में शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
एनसीईआरटी पुस्तकों पर नहीं हटेंगे पीछे
राज्य में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के मामले में शिक्षा मंत्री ने सख्ती जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह पीछे हटने वालों में नहीं हैं। पूरे प्रदेश में एक झटके में नई व्यवस्था लागू की गई है तो कुछ कमियां रही होंगी।
नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटी
राज्य के अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटा ली गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के अनुसार इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आने के बाद करीब एक वर्ष पहले नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी।
विशिष्ठ बीटीसी के साथ सरकार
अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के हजारों विशिष्ठ बीटीसी शिक्षकों के डीएलएड मामले में सरकार उनके साथ है। किसी भी कीमत पर उनकी सेवाएं समाप्त नहीं होने दी जाएंगी। जल्द ही इस संबंध में वार्ता कर रास्ता निकाला जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले डीएलएड/ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है। उसके बाद अप्रशिक्षित शिक्षक पढ़ा नहीं सकेंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
जिस कार्यक्रम में शिक्षक विभागीय ड्रेस कोड में नहीं होंगे, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय वहां नहीं जाएंगे। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शिक्षकों के जिस कार्यक्रम में बिना ड्रेस कोड के शिक्षक दिखे तो वे वहां से तुरंत लौट जाएंगे। उनके इस बयान पर राजकीय शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है।
सोमवार को सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षक एक जुलाई से यूनिफॉर्म में दिखेंगे। शिक्षक संघ भी इसके लिए तैयार हो गए हैं। सभी शिक्षक संघों ने अपने सदस्यों से एक जुलाई से ड्रेस पहनकर आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है।
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उधर, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने मंत्री के बयान को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मंत्री की ओर से संगठन के पदाधिकारियों को विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन बैठक में अकेले मंत्री मौजूद थे। वार्ता की शुरुआत में उन्होंने ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ-कनिष्ठ वेतन विसंगति, चयन वेतनमान, कोटिकरण सुधार समेत अन्य मुद्दों पर सरकार कुछ नहीं कर रही है। ड्रेस कोड को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संघ ड्रेस कोड के लिए शिक्षकों को बाध्य नहीं करेगा। बैठक में डा. सोहन सिंह माझिला, उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा, संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल और कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी आदि मौजूद रहे।
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सबसे पहले बीमारों के तबादले
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि तबादलों का लाभ सबसे पहले बीमार शिक्षकों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक जो खुद बीमार हैं या जिनके करीबी परिजन बीमार हैं, उन्हें तबादलों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा अन्य गंभीर परेशानियों के मामलों में शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
एनसीईआरटी पुस्तकों पर नहीं हटेंगे पीछे
राज्य में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के मामले में शिक्षा मंत्री ने सख्ती जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह पीछे हटने वालों में नहीं हैं। पूरे प्रदेश में एक झटके में नई व्यवस्था लागू की गई है तो कुछ कमियां रही होंगी।
नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटी
राज्य के अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटा ली गई है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के अनुसार इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आने के बाद करीब एक वर्ष पहले नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी।
विशिष्ठ बीटीसी के साथ सरकार
अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के हजारों विशिष्ठ बीटीसी शिक्षकों के डीएलएड मामले में सरकार उनके साथ है। किसी भी कीमत पर उनकी सेवाएं समाप्त नहीं होने दी जाएंगी। जल्द ही इस संबंध में वार्ता कर रास्ता निकाला जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले डीएलएड/ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य है। उसके बाद अप्रशिक्षित शिक्षक पढ़ा नहीं सकेंगे।