{"_id":"5a4be7744f1c1bc20a8b6274","slug":"161514923892-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छता सर्वेक्षण : पुरानी कमियों से ली निगम ने सीख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छता सर्वेक्षण : पुरानी कमियों से ली निगम ने सीख
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:45 AM IST
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
देहरादून नगर निगम पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण की खामियों को दुरुस्त कर इस बार चार जनवरी से शुरू होने वाले सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल कर सकता है। निगम ने पुराने सर्वे की कमियों को दूर किया है, हालांकि कुछ नई कमियां जरूर चुनौती होगी।
पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम दून को 450 शहरों में से 316वीं रैंक मिली थी। इस साल निगम ने पिछले साल की अपेक्षा कई सुधार किए हैं। बीते कई वर्षों से लटका सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो गया है। वहीं, डोर-टू-टू कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था पीपीपी मोड में दे दी गई है। रात्रि में कूड़ा उठान से शहर साफ-सुथरा हो गया है। शौचालयों में 52 फीडबैक मशीन लगाई गई है। वहीं, करीब 20 पार्कों में खाद कंपोस्टिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। आम पब्लिक के लिए 24 घंटे पेट्रोल पंप में मौजूद शौचालय का प्रयोग के निर्देश भी नगर आयुक्त द्वारा दिए गए हैं। जिससे इस श्रेणी में भी अच्छे नंबर मिलना तय है। वहीं, पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान केवल 16 वार्ड ही ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) थे। जबकि इस बार 46 वार्डों को ओडीएफ किया जा चुका है। इसके अलावा पांच वार्डों में मोबाइल टॉयलेट खड़े किए गए हैं। पिछले वर्ष करीब 50 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगवाए थे, जिन्होंने कुछ ही दिनों में काम करना बंद कर दिया। जिन्हें दुरुस्त करवाया गया। इसके अलावा नगर निगम के पर्यावरण मित्रों के साथ सुपरवाइजरों को ड्रेस दी गई है। जबकि पूर्व में वह बगैर ड्रेस के कार्य करते थे। ड्रेसकोड न होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाती थी।
हालांकि अभी स्वच्छता एप में की गई शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय की बात करें तो एप के जरिये पिछले महीने करीब 250 शिकायतें आई, जिनमें से केवल 200 शिकायतों पर ही कार्रवाई हुई। वहीं स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक न करने, होटल, स्कूल, अस्पतालों की स्वच्छता रैंकिंग न होना भी निगम के लिए चुनौती होगा।
विज्ञापन
......................
इन बिंदुओं के आधार पर मिलेंगी रैंकिंग
नगर निगम के डाक्यूमेंटेशन - 1400
जनता का फीडबैक - 1400
आब्जर्बेशन - 1200
...................
हमारा लक्ष्य देहरादून को देश के टॉप 50 शहरों में लाना है। इसके लिए नगर निगम पूरी मेहनत के साथ काम कर रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
विज्ञापन
देहरादून नगर निगम पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण की खामियों को दुरुस्त कर इस बार चार जनवरी से शुरू होने वाले सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल कर सकता है। निगम ने पुराने सर्वे की कमियों को दूर किया है, हालांकि कुछ नई कमियां जरूर चुनौती होगी।
पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम दून को 450 शहरों में से 316वीं रैंक मिली थी। इस साल निगम ने पिछले साल की अपेक्षा कई सुधार किए हैं। बीते कई वर्षों से लटका सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो गया है। वहीं, डोर-टू-टू कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था पीपीपी मोड में दे दी गई है। रात्रि में कूड़ा उठान से शहर साफ-सुथरा हो गया है। शौचालयों में 52 फीडबैक मशीन लगाई गई है। वहीं, करीब 20 पार्कों में खाद कंपोस्टिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। आम पब्लिक के लिए 24 घंटे पेट्रोल पंप में मौजूद शौचालय का प्रयोग के निर्देश भी नगर आयुक्त द्वारा दिए गए हैं। जिससे इस श्रेणी में भी अच्छे नंबर मिलना तय है। वहीं, पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान केवल 16 वार्ड ही ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) थे। जबकि इस बार 46 वार्डों को ओडीएफ किया जा चुका है। इसके अलावा पांच वार्डों में मोबाइल टॉयलेट खड़े किए गए हैं। पिछले वर्ष करीब 50 वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगवाए थे, जिन्होंने कुछ ही दिनों में काम करना बंद कर दिया। जिन्हें दुरुस्त करवाया गया। इसके अलावा नगर निगम के पर्यावरण मित्रों के साथ सुपरवाइजरों को ड्रेस दी गई है। जबकि पूर्व में वह बगैर ड्रेस के कार्य करते थे। ड्रेसकोड न होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाती थी।
विज्ञापन
हालांकि अभी स्वच्छता एप में की गई शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय की बात करें तो एप के जरिये पिछले महीने करीब 250 शिकायतें आई, जिनमें से केवल 200 शिकायतों पर ही कार्रवाई हुई। वहीं स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक न करने, होटल, स्कूल, अस्पतालों की स्वच्छता रैंकिंग न होना भी निगम के लिए चुनौती होगा।
विज्ञापन
......................
इन बिंदुओं के आधार पर मिलेंगी रैंकिंग
नगर निगम के डाक्यूमेंटेशन - 1400
जनता का फीडबैक - 1400
आब्जर्बेशन - 1200
...................
हमारा लक्ष्य देहरादून को देश के टॉप 50 शहरों में लाना है। इसके लिए नगर निगम पूरी मेहनत के साथ काम कर रहा है। उम्मीद है कि इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारा प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त