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झमाझम बरसे मेघ,मौसम हुआ कूल
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:07 AM IST
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रुड़की। भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बुधवार तड़के उस समय बड़ी राहत मिली। जब झमाझम मेघों ने बरसना शुरू कर दिया। बारिश के कारण मौसम भी कूल-कूल हो गया। चार घंटे में 25.4 एमएम बारिश हुई। जो इस सीजन की अब तक की सबसे भारी बारिश है।
पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी ने पड़ रही थी। पारा भी लगातार चढ़ते रहे 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। गर्मी के कारण न तो दिन में चैन मिल पा रहा था और न ही रात को। पंखे और कूलर तो मानों ऐसे लग रहे थे जैसे काम ही न कर रहे हों। गर्मी से परेशान हर कोई आसमान की ओर से टक टकी लगाकर बारिश का बाट देख रहा था। मंगलवार दोपहर के बाद मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी। इससे लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। ठंडी हवाएं भी चली। लेकिन बुधवार तड़के आसमान पर काले बादल छा गए। बादलों की गडग़ड़ाहट ने तड़के करीब तीन बजे लोगों को जगा दिया। इसी के साथ झमाझम मेघ बरसने लगे। लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट आ गई। मौसम में भी एकाएक कूल-कूल हो गया। लोगों को कूलर और एसी बंद करने पड़ गए। करीब चार घंटे तक बारिश होती रही। सुबह सात बजे तक अच्छी बारिश होती रही। सुबह सात से करीब 10 बजे तक बूंदा बांदी होती रही। जिससे मौसम बेहद सुहावना बना रहा। एनआईएच की वेधशाला में बुधवार को सुबह तक 25.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानियों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे भारी बारिश है।
बुधवार को प्री-मानसून बारिश हुई है। बारिश काफी अच्छी हुई है। बारिश के कारण तापमान में भी काफी गिरावट आई है। हालांकि बारिश की वजह से अब उमस बढ़ेगी। 15 जून तक मानसून के पहुंचने की उम्मीद है। इस बार अच्छा मानसून है।
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डा. एआर सेंथिल कुमार, वैज्ञानिक, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की।
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पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी ने पड़ रही थी। पारा भी लगातार चढ़ते रहे 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। गर्मी के कारण न तो दिन में चैन मिल पा रहा था और न ही रात को। पंखे और कूलर तो मानों ऐसे लग रहे थे जैसे काम ही न कर रहे हों। गर्मी से परेशान हर कोई आसमान की ओर से टक टकी लगाकर बारिश का बाट देख रहा था। मंगलवार दोपहर के बाद मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी। इससे लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। ठंडी हवाएं भी चली। लेकिन बुधवार तड़के आसमान पर काले बादल छा गए। बादलों की गडग़ड़ाहट ने तड़के करीब तीन बजे लोगों को जगा दिया। इसी के साथ झमाझम मेघ बरसने लगे। लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट आ गई। मौसम में भी एकाएक कूल-कूल हो गया। लोगों को कूलर और एसी बंद करने पड़ गए। करीब चार घंटे तक बारिश होती रही। सुबह सात बजे तक अच्छी बारिश होती रही। सुबह सात से करीब 10 बजे तक बूंदा बांदी होती रही। जिससे मौसम बेहद सुहावना बना रहा। एनआईएच की वेधशाला में बुधवार को सुबह तक 25.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानियों का कहना है कि यह इस सीजन की सबसे भारी बारिश है।
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बुधवार को प्री-मानसून बारिश हुई है। बारिश काफी अच्छी हुई है। बारिश के कारण तापमान में भी काफी गिरावट आई है। हालांकि बारिश की वजह से अब उमस बढ़ेगी। 15 जून तक मानसून के पहुंचने की उम्मीद है। इस बार अच्छा मानसून है।
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डा. एआर सेंथिल कुमार, वैज्ञानिक, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की।