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सूचना आयोग ने उप सचिव पर लगाया 25 हजार का जुर्माना
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता और गंभीर बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों की मासिक पेंशन दो हजार करने के मामले में लापरवाही बरतने पर सूचना आयोग ने उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। मामले में जन संघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा ने सूचना आयोग में अपील की थी। ये जानकारी रविवार को जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मीडिया से वार्ता में दी।
रघुनाथ नेगी ने बताया कि वर्ष 2016 में दूसरों पर आश्रित दिव्यांगों और स्थाई रूप से गंभीर बीमार बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से जन संघर्ष मोर्चा ने आग्रह किया था। इस पर गंभीरता दिखाते हुए सीएम ने 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को दो हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन जारी करने के आदेश सचिव, समाज कल्याण को दिए थे। काफी प्रयास के बावजूद शासन के उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट द्वारा मामले में अड़चनें पैदा कर कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस कारण दिव्यांगजनों की पेंशन में वृद्धि नहीं हो सकी।
मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी गई, लेकिन लोक सूचना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद भट्ट की ओर से सूचना देने के नाम पर गुमराह किया गया। इसकी अपील मोर्चा के मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने राज्य सूचना आयोग में की थी। सूचना आयुक्त चंद्र सिंह नपलच्या ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट द्वारा बरती गई लापरवाही पर 25 हजार का अर्थदंड लगाते हुए तीन माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के ओदश जारी किए हैं।
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60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता और गंभीर बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों की मासिक पेंशन दो हजार करने के मामले में लापरवाही बरतने पर सूचना आयोग ने उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। मामले में जन संघर्ष मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा ने सूचना आयोग में अपील की थी। ये जानकारी रविवार को जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मीडिया से वार्ता में दी।
रघुनाथ नेगी ने बताया कि वर्ष 2016 में दूसरों पर आश्रित दिव्यांगों और स्थाई रूप से गंभीर बीमार बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से जन संघर्ष मोर्चा ने आग्रह किया था। इस पर गंभीरता दिखाते हुए सीएम ने 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को दो हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन जारी करने के आदेश सचिव, समाज कल्याण को दिए थे। काफी प्रयास के बावजूद शासन के उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट द्वारा मामले में अड़चनें पैदा कर कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस कारण दिव्यांगजनों की पेंशन में वृद्धि नहीं हो सकी।
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मामले में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी गई, लेकिन लोक सूचना अधिकारी राजेंद्र प्रसाद भट्ट की ओर से सूचना देने के नाम पर गुमराह किया गया। इसकी अपील मोर्चा के मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने राज्य सूचना आयोग में की थी। सूचना आयुक्त चंद्र सिंह नपलच्या ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और उप सचिव राजेंद्र प्रसाद भट्ट द्वारा बरती गई लापरवाही पर 25 हजार का अर्थदंड लगाते हुए तीन माह के भीतर राजकोष में जमा कराने के ओदश जारी किए हैं।
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