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सहकारी बैंक में संविदाकर्मियों को स्थायी करने पर विवाद
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सहकारी बैंक में संविदाकर्मियों को स्थायी करने पर विवाद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिला को-ऑपरेटिव बैंक में दो संविदाकर्मियों को स्थायी करने पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जिन वर्ग में दो पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में आईबीपीएस ने परीक्षा कराई है, उन्हीं पदों पर निबंधक ने बैकडोर से एंट्री दे दी है। हालांकि संबंधित निबंधक ने बैकडोर एंट्री से इनकार किया है।
प्रदेश के सहकारी (को-ऑपरेटिव) बैंकों के 442 पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में आईबीपीएस ने परीक्षा कराई है। इसका परिणाम भी जारी नहीं हुआ है। इस बीच को-ऑपरेटिव बैंक देहरादून में संविदा पर कार्यरत कार्मिक ध्वजवीर सिंह और प्रशांत भंडारी को स्थायी करने के आदेश पूर्व निबंधक बीएम मिश्र की ओर से जारी किए गए हैं। बृहस्पतिवार को उनका तबादला हो गया और उनकी जगह उमेश नारायण पांडेय को नियुक्ति दी गई है। लेकिन उनकी विदाई से ठीक पहले हुई इन भर्तियों पर विवाद हो रहा है। युवाओं का आरोप है कि जिन पदों के लिए सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चला रही है, उन्हीं पर बैकडोर से भर्ती कर दी गई है।
मामले में आदेश करने वाले निबंधक बीएम मिश्र का कहना है कि यह कर्मचारी पांच साल से काम कर रहे थे। उनकी नियुक्ति बोर्ड ने तकनीकी पदों पर की है, जो कि आईबीपीएस भर्ती के दायरे में नहीं आते। वहीं, नए निबंधक उमेश नारायण पांडेय का कहना है कि अभी उन्होंने तैनाती कार्यभार नहीं संभाला है, लिहाजा, यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। युवाओं का कहना है कि को-ऑपरेटिव बैंकों में इस तरह से एंट्री करने का कोई प्रावधान ही नहीं है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिला को-ऑपरेटिव बैंक में दो संविदाकर्मियों को स्थायी करने पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जिन वर्ग में दो पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में आईबीपीएस ने परीक्षा कराई है, उन्हीं पदों पर निबंधक ने बैकडोर से एंट्री दे दी है। हालांकि संबंधित निबंधक ने बैकडोर एंट्री से इनकार किया है।
प्रदेश के सहकारी (को-ऑपरेटिव) बैंकों के 442 पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में आईबीपीएस ने परीक्षा कराई है। इसका परिणाम भी जारी नहीं हुआ है। इस बीच को-ऑपरेटिव बैंक देहरादून में संविदा पर कार्यरत कार्मिक ध्वजवीर सिंह और प्रशांत भंडारी को स्थायी करने के आदेश पूर्व निबंधक बीएम मिश्र की ओर से जारी किए गए हैं। बृहस्पतिवार को उनका तबादला हो गया और उनकी जगह उमेश नारायण पांडेय को नियुक्ति दी गई है। लेकिन उनकी विदाई से ठीक पहले हुई इन भर्तियों पर विवाद हो रहा है। युवाओं का आरोप है कि जिन पदों के लिए सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चला रही है, उन्हीं पर बैकडोर से भर्ती कर दी गई है।
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मामले में आदेश करने वाले निबंधक बीएम मिश्र का कहना है कि यह कर्मचारी पांच साल से काम कर रहे थे। उनकी नियुक्ति बोर्ड ने तकनीकी पदों पर की है, जो कि आईबीपीएस भर्ती के दायरे में नहीं आते। वहीं, नए निबंधक उमेश नारायण पांडेय का कहना है कि अभी उन्होंने तैनाती कार्यभार नहीं संभाला है, लिहाजा, यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। युवाओं का कहना है कि को-ऑपरेटिव बैंकों में इस तरह से एंट्री करने का कोई प्रावधान ही नहीं है।
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