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ग्राम समाज की जमीन को बचाने के लिए शुरु होगा आंदोलन
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
पंचायती भवन में ग्राम संघर्ष समिति छरबा की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सिडकुल को आवंटित की गई ग्राम समाज की 40 बीघा जमीन को वापस लेने के लिए आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में उप प्रधान मोहन सिंह ने कहा कि सिडकुल को जमीन आवंटित करने के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया। जमीन आवंटन संबंधी प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में पारित नहीं किया गया था। कहा कि जो जमीन सिडकुल को आवंटित की गई है, उसमें ग्रामीणों ने पिछले 50 वर्षों की मेहनत से खैर का जंगल उगाया हुआ है। सिडकुल इस जंगल का सफाया करने में लगा हुआ है, जिससे छरबा सहित आसपास के क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर के कम होने का खतरा पैदा हो गया है। कहा कि इस जमीन के आवंटन के लिए प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की ओर से पंचायत की खुली बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। गुपचुप तरीके से जमीन सिडकुल को आवंटित कर दी गई। बैठक में जमीन को सिडकुल से वापस लेने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष खेम सिंह, दीपक आदि मौजूद रहे।
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पंचायती भवन में ग्राम संघर्ष समिति छरबा की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान सिडकुल को आवंटित की गई ग्राम समाज की 40 बीघा जमीन को वापस लेने के लिए आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में उप प्रधान मोहन सिंह ने कहा कि सिडकुल को जमीन आवंटित करने के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया। जमीन आवंटन संबंधी प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में पारित नहीं किया गया था। कहा कि जो जमीन सिडकुल को आवंटित की गई है, उसमें ग्रामीणों ने पिछले 50 वर्षों की मेहनत से खैर का जंगल उगाया हुआ है। सिडकुल इस जंगल का सफाया करने में लगा हुआ है, जिससे छरबा सहित आसपास के क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर के कम होने का खतरा पैदा हो गया है। कहा कि इस जमीन के आवंटन के लिए प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की ओर से पंचायत की खुली बैठक में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। गुपचुप तरीके से जमीन सिडकुल को आवंटित कर दी गई। बैठक में जमीन को सिडकुल से वापस लेने के लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान संघर्ष समिति के अध्यक्ष खेम सिंह, दीपक आदि मौजूद रहे।
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