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शाही स्नान को हनोल पहुंचा चालदा महाराज का डोरिया
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
साहिया। खत उपलगांव के निथिला गांव में 25 जून को 80 साल बाद मनाए जाने वाले जागड़ा पर्व से पूर्व चालदा महाराज का डोरिया, देव छड़ी और चिह्न शनिवार को शाही स्नान के लिए हनोल मंदिर पहुंचे। सुबह नौ बजे पूजा अर्चना के बाद देव डोली ने निथिला मंदिर से प्रस्थान किया।
देव चिह्नों के साथ सैकड़ों ग्रामीण पदयात्रा करते हुए शाम को हनोल मंदिर पहुंचे। पुजारी दयाराम जोशी ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार देव चिह्नों को शाही स्नान के लिए वाहन से ले जाने के बजाय पदयात्रा से ले जाया जाता है। निथिला से हनोल तक पहुंचने तक कोटीधार, कोरुवा, चकराता, लोखंडी, कोटी कनासर में देव दर्शनों के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने देव चिह्नों पर पुष्प वर्षा कर खुशहाली की मन्नत मांगी। हनोल पहुंचने पर देवता की पूजा अर्चना की गई। रात्रि विश्राम के दौरान देव चिह्नों के साथ आए श्रद्धालुओं ने देवता के जागर गाए और रात्रि जागरण किया।
रविवार सुबह शाही स्नान के बाद देव चिह्न निथिला गांव को प्रस्थान करेंगे। देव पुजारी ने बताया कि 80 साल से चालदा महाराज निथिला मंदिर में विराजमान हैं। 24 जून को निथिला में विश्राम के बाद 25 जून सुबह चालदा महाराज बिसोई मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां विशाल जागड़ा पर्व का आयोजन किया जाएगा। देव चिह्नों के साथ पदयात्रा करने वालों में वजीर टीकम सिंह, भंडारी सरदार सिंह, घनश्याम, भीमदत्त, प्रताप दत्त जोशी, बाबूराम, जगतराम, श्याम दत्त, गोविंदराम, किशन जोशी, दिनेश तोमर, विद्या दत्त जोशी, रवि आदि शामिल रहे।
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साहिया। खत उपलगांव के निथिला गांव में 25 जून को 80 साल बाद मनाए जाने वाले जागड़ा पर्व से पूर्व चालदा महाराज का डोरिया, देव छड़ी और चिह्न शनिवार को शाही स्नान के लिए हनोल मंदिर पहुंचे। सुबह नौ बजे पूजा अर्चना के बाद देव डोली ने निथिला मंदिर से प्रस्थान किया।
देव चिह्नों के साथ सैकड़ों ग्रामीण पदयात्रा करते हुए शाम को हनोल मंदिर पहुंचे। पुजारी दयाराम जोशी ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार देव चिह्नों को शाही स्नान के लिए वाहन से ले जाने के बजाय पदयात्रा से ले जाया जाता है। निथिला से हनोल तक पहुंचने तक कोटीधार, कोरुवा, चकराता, लोखंडी, कोटी कनासर में देव दर्शनों के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने देव चिह्नों पर पुष्प वर्षा कर खुशहाली की मन्नत मांगी। हनोल पहुंचने पर देवता की पूजा अर्चना की गई। रात्रि विश्राम के दौरान देव चिह्नों के साथ आए श्रद्धालुओं ने देवता के जागर गाए और रात्रि जागरण किया।
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रविवार सुबह शाही स्नान के बाद देव चिह्न निथिला गांव को प्रस्थान करेंगे। देव पुजारी ने बताया कि 80 साल से चालदा महाराज निथिला मंदिर में विराजमान हैं। 24 जून को निथिला में विश्राम के बाद 25 जून सुबह चालदा महाराज बिसोई मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। जहां विशाल जागड़ा पर्व का आयोजन किया जाएगा। देव चिह्नों के साथ पदयात्रा करने वालों में वजीर टीकम सिंह, भंडारी सरदार सिंह, घनश्याम, भीमदत्त, प्रताप दत्त जोशी, बाबूराम, जगतराम, श्याम दत्त, गोविंदराम, किशन जोशी, दिनेश तोमर, विद्या दत्त जोशी, रवि आदि शामिल रहे।
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