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किसानों ने की अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
आसन नदी में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर जस्सोवाला के किसानों ने तहसील में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि जस्सोवाला सहित पछवादून के अन्य क्षेत्रों में रोक के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से खुले आम अवैध खनन हो रहा है।
किसानों ने कहा कि अनियंत्रित और अनियोजित खनन से नदी ने अपना प्राकृतिक बहाव बदल दिया है। इससे बरसात में हर साल किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन बाढ़ की चपेट में जाती है। किसानों की नदी से लगती हुई जमीन हर साल बहने के कारण अब उनके भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है। खनन माफिया नदी के रुख को बदलने का काम कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि नदी में खनन माफिया रात दिन जेसीबी चला रहे हैं। आसन नदी सिंचाई और पेयजल की दृष्टि से पूरे पछवादून की जीवनदायिनी नदी मानी जाती है। ऐसे में नदी में नियम विरुद्ध किए जा खनन से परगने में सिंचाई के साथ ही पेयजल संकट पैदा होने का खतरा भी बना हुआ है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने शीघ्र ही अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही 10 दिन में पुख्ता कार्रवाई नहीं होने पर तहसील परिसर में आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में गुलफाम जान, अकरम सलमानी, अहसान राय, राजपाल, रामकरण, निशांत, चमनलाल, सुंदर आदि शामिल रहे। उधर, तहसीलदार प्रकाश शाह ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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आसन नदी में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग को लेकर जस्सोवाला के किसानों ने तहसील में प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि जस्सोवाला सहित पछवादून के अन्य क्षेत्रों में रोक के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से खुले आम अवैध खनन हो रहा है।
किसानों ने कहा कि अनियंत्रित और अनियोजित खनन से नदी ने अपना प्राकृतिक बहाव बदल दिया है। इससे बरसात में हर साल किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन बाढ़ की चपेट में जाती है। किसानों की नदी से लगती हुई जमीन हर साल बहने के कारण अब उनके भूमिहीन होने का खतरा पैदा हो गया है। खनन माफिया नदी के रुख को बदलने का काम कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि नदी में खनन माफिया रात दिन जेसीबी चला रहे हैं। आसन नदी सिंचाई और पेयजल की दृष्टि से पूरे पछवादून की जीवनदायिनी नदी मानी जाती है। ऐसे में नदी में नियम विरुद्ध किए जा खनन से परगने में सिंचाई के साथ ही पेयजल संकट पैदा होने का खतरा भी बना हुआ है।
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प्रदर्शनकारी किसानों ने शीघ्र ही अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही 10 दिन में पुख्ता कार्रवाई नहीं होने पर तहसील परिसर में आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में गुलफाम जान, अकरम सलमानी, अहसान राय, राजपाल, रामकरण, निशांत, चमनलाल, सुंदर आदि शामिल रहे। उधर, तहसीलदार प्रकाश शाह ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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